Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में सेब खरीद सीजन शुरू होने से पहले सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. हिमाचल प्रदेश हॉर्टिकल्चरल प्रोड्यूस मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कॉरपोरेशन (HPMC) राज्य के अलग-अलग सेब उत्पादक इलाकों में चरणबद्ध तरीके से एप्पल कलेक्शन सेंटर (ACC) शुरू करेगा. HPMC ने सेब किसानों से जल्द से जल्द MIS ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की है. सरकार ने साफ किया है कि इस योजना के तहत सेब बेचने के लिए किसानों का MIS पर पंजीकरण अनिवार्य होगा. रजिस्ट्रेशन के बाद किसान एप के जरिए अपने ग्रेड-सी सेब की उपलब्ध मात्रा की जानकारी दे सकेंगे और नजदीकी कलेक्शन सेंटर पर अपनी उपज जमा कर सकेंगे.
सरकार का कहना है कि खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए पूरी व्यवस्था को डिजिटल किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, MIS पर रजिस्ट्रेशन केवल एक बार करना होगा और इसकी प्रक्रिया सरल व किसान हितैषी है. किसान लैपटॉप, डेस्कटॉप या MIS मोबाइल ऐप के जरिए आसानी से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद वे ऐप पर यह जानकारी दे सकेंगे कि वे कितनी मात्रा में ग्रेड-सी सेब नजदीकी एप्पल कलेक्शन सेंटर (ACC) पर बेचने के लिए लाने वाले हैं.
रजिस्ट्रेशन और अन्य जरूरी सेवाओं का लाभ लें
HPMC का कहना है कि किसानों से पहले से यह जानकारी मिलने पर संबंधित कलेक्शन सेंटर पर खरीद की बेहतर व्यवस्था की जा सकेगी. इससे सेब खरीद प्रक्रिया तेज, व्यवस्थित और बिना किसी परेशानी के पूरी होगी. किसानों की सुविधा के लिए सभी ग्राम पंचायतों से रजिस्ट्रेशन में मदद करने को कहा गया है. इसके अलावा लोकमित्र केंद्रों को भी MIS प्रणाली से जोड़ा जा रहा है, ताकि किसान वहां जाकर रजिस्ट्रेशन और अन्य जरूरी सेवाओं का लाभ ले सकें.
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पहले इन जिलों में खुलेंगे सेब कलेक्शन सेंटर
पहले चरण में शिमला जिले के रोहड़ू, गुम्मा और चौपाल, मंडी जिले के चिंडी और चच्योट के साथ-साथ कुल्लू और चंबा के कुछ इलाकों में एप्पल कलेक्शन सेंटर (ACC) शुरू किए जा रहे हैं. वहीं, जरूरत के मुताबिक हिमफेड (Himfed) भी अपने खरीद केंद्र चालू कर रहा है.
सी-ग्रेड सेब की तय कीमत पर होगी खरीदी
बता दें कि इस साल के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने 2026 के लिए मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) लागू करने को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत सरकार किसानों से प्रोसेसिंग ग्रेड आम, खट्टे फल और सी-ग्रेड सेब तय कीमत पर खरीदेगी. इसका मकसद फल उत्पादकों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाना और बाजार में कीमत गिरने की स्थिति में उन्हें आर्थिक सहारा देना है. वहीं, बागवानी विभाग ने कहा है कि फलों की खरीद एचपी हॉर्टिकल्चरल प्रोड्यूस मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कॉरपोरेशन (HPMC) के माध्यम से की जाएगी. जरूरत पड़ने पर सेब की खरीद में हिमफेड (HIMFED) की भी मदद ली जाएग.