छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू का कहर, 5500 मुर्गियों की मौत के बाद चिकन-अंडा बिक्री बंद, कारोबारियों में भारी गुस्सा
बिलासपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रशासन ने चिकन और अंडों की बिक्री पर रोक लगा दी है. 5500 से ज्यादा मुर्गियों की मौत से इलाके में डर का माहौल है. इस फैसले से रोज करीब एक करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है और व्यापारी विरोध कर रहे हैं.
Bird Flu Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ते ही हालात तेजी से बदल गए हैं. कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में हजारों मुर्गियों की मौत के बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है. एहतियात के तौर पर शहर और आसपास के 10 किलोमीटर इलाके में चिकन और अंडों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. इस फैसले से जहां लोगों में डर का माहौल है, वहीं कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. रोज करीब एक करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है. नाराज व्यापारियों ने अब प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और राहत की मांग कर रहे हैं.
5500 से ज्यादा मुर्गियों की मौत, बर्ड फ्लू की पुष्टि
बिलासपुर के कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में पिछले कुछ दिनों से लगातार मुर्गियों की मौत हो रही थी. शुरुआत में इसे सामान्य बीमारी माना गया, लेकिन जब मौत का आंकड़ा तेजी से बढ़कर 5500 के पार पहुंच गया, तो अधिकारियों को शक हुआ. इसके बाद मुर्गियों के सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे गए. रिपोर्ट आने के बाद साफ हो गया कि यह मामला बर्ड फ्लू का है. यह खबर सामने आते ही पूरे इलाके में डर और चिंता फैल गई है. खासकर पोल्ट्री से जुड़े लोगों में घबराहट का माहौल है.
चिकन-अंडे की बिक्री पर बैन
बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए चिकन और अंडों की बिक्री पर रोक लगा दी है. शहर और आसपास के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाली सभी दुकानों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं. इस फैसले का सीधा असर कारोबारियों पर पड़ा है. रोजाना करीब एक करोड़ रुपये का कारोबार ठप हो गया है. करीब 200 दुकानें बंद होने से हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ा है. इतना ही नहीं, होटल और रेस्टोरेंट में भी चिकन और अंडों से बने खाने पर रोक लगा दी गई है, जिससे पूरा कारोबार प्रभावित हो गया है.
व्यापारियों में गुस्सा, विधायक के घर का घेराव
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन की सख्ती से नाराज कारोबारियों ने विरोध शुरू कर दिया है. उन्होंने स्थानीय विधायक अमर अग्रवाल के घर का घेराव किया और अपनी परेशानी बताई. व्यापारियों का कहना है कि दुकानें बंद होने से उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने मांग की है कि गाइडलाइन के तहत दुकानों को खोलने की अनुमति दी जाए. विधायक ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वे प्रशासन से बात करके समाधान निकालने की कोशिश करेंगे.
संक्रमण सरकारी फार्म में, फिर भी सभी दुकानें बंद
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, व्यापारियों का कहना है कि बर्ड फ्लू का संक्रमण सिर्फ सरकारी पोल्ट्री फार्म में मिला है, जबकि निजी दुकानों और फार्म में ऐसी कोई समस्या नहीं है. उनका आरोप है कि प्रशासन बिना पूरी जांच के सभी दुकानों को बंद करवा रहा है, जिससे उन्हें बेवजह नुकसान हो रहा है. इसके अलावा, नवरात्रि के दौरान पहले ही कई दिनों तक दुकानें बंद रहीं. अब फिर से बैन लगने से उनका नुकसान और बढ़ गया है. कई व्यापारियों ने चूजे और अंडे पहले से मंगवा लिए थे, जो अब खराब होने की स्थिति में हैं. बर्ड फ्लू के चलते जहां एक तरफ लोगों में डर है, वहीं दूसरी तरफ व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. अब सभी की नजर प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हुई है कि आगे क्या राहत मिलती है.