FSSAI सख्त: अब बिना लाइसेंस नहीं बेच सकेंगे दूध, जानें किन लोगों को कराना होगा रजिस्ट्रेशन

FSSAI milk registration rule: FSSAI का मानना है कि अगर सभी दूध उत्पादक और विक्रेता रजिस्ट्रेशन कराते हैं तो दूध के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर बेहतर तरीके से नजर रखी जा सकेगी. इससे मिलावट और खराब गुणवत्ता वाले दूध की समस्या को भी कम किया जा सकेगा.

Kisan India
नई दिल्ली | Updated On: 12 Mar, 2026 | 02:58 PM

FSSAI milk registration rule: भारत में दूध हर घर की रोजमर्रा की जरूरत है. सुबह की चाय से लेकर बच्चों के पोषण तक दूध का इस्तेमाल लगभग हर परिवार करता है. देश में लाखों किसान और छोटे विक्रेता दूध उत्पादन और बिक्री से जुड़े हैं. लेकिन कई जगहों पर दूध का कारोबार बिना किसी पंजीकरण के भी चलता है. ऐसे में दूध की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहते हैं.

इसी स्थिति को सुधारने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक अहम फैसला लिया है. अब स्वतंत्र दूध उत्पादकों और दूध बेचने वाले विक्रेताओं के लिए FSSAI में रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है. सरकार का उद्देश्य है कि दूध की सप्लाई चेन में पारदर्शिता बढ़े और लोगों को सुरक्षित तथा शुद्ध दूध मिल सके.

दूध कारोबार को व्यवस्थित करने की कोशिश

देश में बड़ी डेयरी कंपनियों के साथ-साथ छोटे स्तर पर भी दूध का कारोबार होता है. कई किसान सीधे गांव या शहर में दूध बेचते हैं, जबकि कुछ लोग घर-घर दूध पहुंचाने का काम करते हैं. इन छोटे कारोबारों का कोई औपचारिक रिकॉर्ड नहीं होता, जिससे निगरानी करना मुश्किल हो जाता है.

FSSAI का मानना है कि अगर सभी दूध उत्पादक और विक्रेता रजिस्ट्रेशन कराते हैं तो दूध के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर बेहतर तरीके से नजर रखी जा सकेगी. इससे मिलावट और खराब गुणवत्ता वाले दूध की समस्या को भी कम किया जा सकेगा.

किन लोगों को कराना होगा रजिस्ट्रेशन

नए निर्देश के मुताबिक दूध से जुड़े कई प्रकार के छोटे कारोबारियों को भी अब रजिस्ट्रेशन कराना होगा. इसमें शामिल हैं:

  • स्वतंत्र दूध उत्पादक
  • दूध इकट्ठा करने वाले छोटे व्यापारी
  • स्थानीय स्तर पर दूध बेचने वाले विक्रेता
  • घर-घर दूध पहुंचाने वाले डिलीवरी एजेंट
  • छोटे डेयरी यूनिट संचालक

अगर कोई व्यक्ति दूध या उससे जुड़े उत्पादों का कारोबार कर रहा है, तो उसे खाद्य सुरक्षा कानून के तहत पंजीकरण या लाइसेंस लेना होगा.

आम लोगों को होगा फायदा

इस नियम का सबसे बड़ा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा. जब दूध बेचने वाले सभी लोग पंजीकृत होंगे तो उन पर निगरानी रखना आसान हो जाएगा. इससे मिलावटी या असुरक्षित दूध की बिक्री को रोकने में मदद मिलेगी.

इसके साथ ही दूध को संग्रहित करने, ठंडा रखने और सुरक्षित तरीके से पहुंचाने जैसे नियमों का पालन भी बेहतर तरीके से हो सकेगा. इससे लोगों को ज्यादा सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दूध मिलने की उम्मीद है.

छोटे कारोबारियों के लिए भी फायदेमंद

हालांकि शुरुआत में कुछ छोटे दूध विक्रेताओं को रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया थोड़ी मुश्किल लग सकती है, लेकिन लंबे समय में यह उनके लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है. रजिस्ट्रेशन होने से उनके कारोबार को आधिकारिक पहचान मिल जाएगी. इससे वे बड़ी डेयरी कंपनियों या सहकारी समितियों के साथ भी काम कर सकते हैं. साथ ही सरकारी योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ लेना भी आसान हो जाएगा.

कैसे होगा रजिस्ट्रेशन

FSSAI ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन सुविधा भी दी है. दूध उत्पादक या विक्रेता FSSAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.

छोटे कारोबारियों के लिए साधारण रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था है, जबकि बड़े कारोबार के लिए लाइसेंस लेना जरूरी होगा. आवेदन करते समय व्यवसाय से जुड़ी जानकारी और पहचान से जुड़े दस्तावेज जमा करने होते हैं.

डेयरी सेक्टर को मिलेगा नया ढांचा

यह फैसला भारत के डेयरी सेक्टर को और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. जब दूध उत्पादन और बिक्री से जुड़े सभी लोग नियमों के तहत काम करेंगे, तो पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी.

इससे न सिर्फ उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि किसानों और छोटे कारोबारियों को भी बेहतर बाजार और अवसर मिल सकेंगे. आने वाले समय में यह कदम देश के डेयरी क्षेत्र को और मजबूत बनाने में मदद कर सकता है.

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Published: 12 Mar, 2026 | 02:57 PM
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