Green Fodder: हरा चारा समझकर खिलाया.. पर बन गया बीमारी की वजह, जानिए सही तरीका

Animal Fodder: सर्दियों के मौसम में पशुओं की सही देखभाल बेहद जरूरी होती है. केवल हरा चारा खिलाने से पाचन कमजोर हो सकता है और दूध उत्पादन घट सकता है. संतुलित आहार, हरा और सूखा चारा मिलाकर देने से पशु स्वस्थ रहते हैं और मौसमी बीमारियों से बचे रहते हैं.

नोएडा | Published: 26 Jan, 2026 | 01:47 PM

Cattle Feeding : सर्दियों का मौसम आते ही पशुपालक हरे चारे पर ज्यादा भरोसा करने लगते हैं. खेतों में हरी-हरी बरसीम देखकर लगता है कि यही सबसे अच्छा और पूरा आहार है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सर्दियों में केवल हरा चारा खिलाना पशुओं को बीमार भी कर सकता है? सही जानकारी और संतुलित आहार न मिले तो दूध उत्पादन घट सकता है और पशु कमजोर पड़ सकता है.

सिर्फ हरा चारा क्यों बन सकता है परेशानी

सर्दियों में बरसीम  जैसे हरे चारे की भरपूर उपलब्धता होती है, इसलिए कई पशुपालक पशुओं को केवल यही खिलाने लगते हैं. लेकिन हरे चारे में पानी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. बरसीम में करीब 80 प्रतिशत से ज्यादा पानी होता है और शुष्क पदार्थ बहुत कम होता है. जब पशु लगातार केवल हरा चारा  खाते हैं, तो उनका पाचन तंत्र कमजोर होने लगता है. इससे गोबर पतला हो जाता है और कई बार दस्त यानी डायरिया की समस्या भी शुरू हो जाती है. ऐसी स्थिति में पशु धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है और दूध देने की क्षमता पर भी असर पड़ता है.

पाचन खराब होने से घटता है दूध उत्पादन

केवल हरा चारा खाने से पशुओं के पेट में गैस, अपच और सूजन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. गोबर पतला होना इस बात का संकेत है कि चारा ठीक से नहीं पच रहा. जब पोषक तत्व सही तरीके से पचते नहीं हैं, तो पशु के शरीर को पूरी ताकत नहीं मिल पाती. इसका सीधा असर दूध उत्पादन  पर पड़ता है. कई मामलों में देखा गया है कि सर्दियों में गलत फीडिंग की वजह से दूध अचानक कम हो जाता है. इसके अलावा कमजोर पाचन के कारण पशु बार-बार बीमार भी पड़ सकता है, जिससे इलाज पर खर्च बढ़ जाता है.

हरा चारा और भूसा साथ देना क्यों है जरूरी

पशु विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में हरे चारे के साथ सूखा चारा, यानी भूसा मिलाकर देना सबसे सही तरीका है अगर पशु को एक किलो भूसा और करीब पांच किलो हरा चारा, जैसे बरसीम, मिलाकर खिलाया जाए तो चारे की पाचकता काफी बढ़ जाती है. इससे चारा बेहतर तरीके से पचता है और पशु को ज्यादा पोषण मिलता है. भूसा मिलाने से पेट में संतुलन बना रहता है, गोबर सामान्य रहता है और दस्त की समस्या नहीं होती. इससे पशु स्वस्थ  रहता है और दूध उत्पादन भी स्थिर बना रहता है.

सर्दियों में सही फीडिंग से रहें बीमारियों से दूर

सर्दियों में पशुओं को ठंड से बचाने के साथ-साथ सही आहार देना भी उतना ही जरूरी है. संतुलित फीडिंग से पशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता  बढ़ती है और वह मौसमी बीमारियों से बचा रहता है. हरे चारे के साथ भूसा, खनिज मिश्रण और साफ पानी देने से पशु ज्यादा एक्टिव रहता है. इससे न सिर्फ दूध उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि पशु की सेहत भी लंबे समय तक बनी रहती है.

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