4 गाय पालिए और हर साल पाएं 72 हजार रुपये, सरकार की इस योजना का उठाएं लाभ

पशुपालकों और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार गौपालन को बढ़ावा दे रही है. विशेष योजना के तहत आर्थिक सहायता, पशुशेड सुविधा और बेहतर पशु प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है. इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, गोवंश संरक्षण को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 5 Jun, 2026 | 09:31 PM

Mukhyamantri Sahbhagita Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहन देने और निराश्रित गोवंशों के संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री सहभागिता योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है. विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि 7 जून तक प्रदेशभर की गौशालाओं में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए. इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों और पशुपालकों को गौपालन से जोड़ना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है.

4 गोवंश पालने पर मिलेगी 72 हजार रुपये की सहायता

मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत राज्य सरकार निराश्रित गोवंशों के पालन-पोषण के लिए आर्थिक सहायता  उपलब्ध करा रही है. योजना के अनुसार, प्रति गोवंश प्रतिमाह 1,500 रुपये की सहायता दी जाती है. यदि कोई किसान या पशुपालक चार गोवंशों का संरक्षण करता है, तो उसे सालभर में कुल 72,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिल सकती है. ये राशि चार समान किस्तों में लाभार्थियों को प्रदान की जाएगी. सरकार ने योजना को प्रभावी बनाने के लिए लाभार्थियों को मनरेगा के माध्यम से पशुशेड निर्माण की सुविधा देने का भी निर्णय लिया है, जिससे पशुपालकों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ कम हो सके.

गौशालाओं में चलेगा विशेष अभियान

1 जून से 7 जून तक चलने वाले विशेष अभियान के दौरान प्रदेश की सभी गौशालाओं में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गौशालाओं में स्वच्छता, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं. अभियान के तहत गौशालाओं में विशेष सफाई अभियान चलाया  जाएगा. गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा, साइलेज और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. साथ ही बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए गौशालाओं के आसपास बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण भी किया जाएगा.

पशुओं के स्वास्थ्य और चरागाहों पर रहेगा फोकस

सरकार ने पशुओं के स्वास्थ्य  को लेकर भी विशेष योजना बनाई है. अधिकारियों को माइक्रोप्लान तैयार कर सभी गोवंशों का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. इससे पशुओं में होने वाली विभिन्न बीमारियों की रोकथाम हो सकेगी और उनकी उत्पादकता में सुधार होगा. इसके अलावा जिन जिलों में गौचर भूमि पर अवैध कब्जे हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर भूमि को कब्जामुक्त कराया जाएगा. सरकार का मानना है कि पर्याप्त चरागाह उपलब्ध होने से गोवंशों के संरक्षण और पोषण को बढ़ावा मिलेगा.

भूसा बैंक और समय पर भुगतान से मिलेगा लाभ

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में भूसा संग्रहण अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित 1,37,42,018 क्विंटल लक्ष्य के मुकाबले 1,36,98,441 क्विंटल भूसा उपलब्ध कराया जा चुका है, जो लक्ष्य का 99.70 प्रतिशत है. इसमें 14,81,071 क्विंटल भूसा दान के माध्यम से और 1,22,17,369 क्विंटल भूसा खरीद  के माध्यम से प्राप्त हुआ है. भूसे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में 3,974 अस्थायी और 7,285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए गए हैं.

आवेदन की प्रक्रिया और पात्रता

मुख्यमंत्री सहभागिता योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक किसान और पशुपालकों  को ऑफलाइन आवेदन करना होगा. इसके लिए वे अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CMO) कार्यालय या ग्राम पंचायत से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं. फॉर्म में नाम, पता, आधार संख्या और बैंक खाते की जानकारी भरनी होगी. इसके साथ आधार कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक की कॉपी और पासपोर्ट साइज फोटो संलग्न करनी होगी. आवेदन पत्र को ग्राम प्रधान से सत्यापित कराने के बाद संबंधित अधिकारी के पास जमा करना होगा. जांच पूरी होने पर पात्र लाभार्थी को गो-आश्रय स्थल से गाय उपलब्ध कराई जाएगी और सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी.

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Published: 5 Jun, 2026 | 09:30 PM

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