उत्तराखंड बजट में पशुपालन योजनाओं के लिए 42 करोड़ रुपये का ऐलान, दूध उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का जोर

उत्तराखंड सरकार ने बजट 2026-27 में पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 42.02 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. सरकार का उद्देश्य दूध उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है. इस राशि से पशुपालकों को प्रोत्साहन दिया जाएगा और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं को मजबूती मिलेगी.

नोएडा | Published: 9 Mar, 2026 | 06:53 PM

Uttarakhand Budget 2026-27: उत्तराखंड सरकार ने बजट 2026-27 में पशुपालकों के लिए बड़ी राहत और नई उम्मीद की घोषणा की है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पशुपालन विभाग की योजनाओं के लिए 42.02 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. सरकार का कहना है कि इस पैसे से पशुपालकों को प्रोत्साहन मिलेगा, दूध उत्पादन बढ़ेगा और गांवों में रोजगार के नए मौके बनेंगे. पहाड़ों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले हजारों परिवारों के लिए यह बजट एक नई शुरुआत की तरह माना जा रहा है.

पशुपालन के लिए 42 करोड़ रुपये का बड़ा बजट

उत्तराखंड विधानसभा में पेश किए गए बजट 2026-27 में पशुपालन क्षेत्र  को मजबूत करने के लिए 42.02 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह राशि पशुपालन विभाग की विभिन्न लाभार्थी योजनाओं पर खर्च की जाएगी. सरकार का लक्ष्य साफ है-पशुपालकों को आर्थिक सहायता देना और उन्हें ज्यादा से ज्यादा पशु पालने के लिए प्रोत्साहित करना. इससे दूध उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी इजाफा होगा. सरकार का मानना है कि पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों  में पशुपालन खेती के साथ-साथ एक मजबूत आय का साधन बन सकता है. इसलिए इस क्षेत्र को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है.

दूध और डेयरी उत्पाद बढ़ाने पर खास फोकस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट पेश करते हुए कहा कि राज्य में दूध और दूध से बने उत्पादों के उत्पादन को बढ़ाने पर खास जोर दिया जाएगा. इसके लिए पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी ताकि वे अधिक पशु पालें और दूध उत्पादन  में योगदान बढ़ाएं. सरकार का मानना है कि अगर डेयरी सेक्टर मजबूत होगा तो गांवों में छोटे-छोटे डेयरी कारोबार भी बढ़ेंगे. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों को अपने गांव में ही आय का साधन मिलेगा. दूध उत्पादन बढ़ने से डेयरी उद्योग को भी फायदा होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

इन सरकारी योजनाओं से मिलेगा पशुपालकों को फायदा

उत्तराखंड सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है. इनमें गोट वैली (Goat Valley) योजना के जरिए बकरी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस योजना का उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को बकरी पालन  के जरिए अच्छी आय दिलाना है.

इसके अलावा मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के तहत अच्छी नस्ल के पशुओं को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि दूध उत्पादन बढ़ सके. ब्रॉयलर फार्म स्थापना योजना के तहत मुर्गी पालन के लिए अनुदान दिया जाता है. इससे लोग पोल्ट्री फार्म खोलकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला बकरी पालन योजना भी चलाई जा रही है, जिसमें पात्र महिलाओं को 12 से 18 महीने की बकरियों की इकाई दी जाती है. वहीं, आवारा और अनुपयोगी पशुओं के लिए गौशाला स्थापना योजना भी चलाई जा रही है ताकि उन्हें सुरक्षित आश्रय मिल सके.

पशुपालकों के लिए स्वास्थ्य और चारा की व्यवस्था

पशुओं की अच्छी सेहत  के लिए राज्य में कई सुविधाएं भी दी जा रही हैं. पशुपालन विभाग द्वारा पशु चिकित्सा अस्पतालों को मजबूत किया जा रहा है. साथ ही पशुओं के लिए टीकाकरण अभियान चलाए जा रहे हैं. नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान केंद्र भी बनाए गए हैं ताकि बेहतर नस्ल के पशु तैयार हो सकें और दूध उत्पादन बढ़ सके. सरकार चारा विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है. इसके लिए कई क्षेत्रों में चारा उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि पशुओं को पर्याप्त और अच्छा चारा मिल सके.

युवाओं को रोजगार और सब्सिडी से मिलेगा सहारा

उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य है कि पशुपालन के जरिए बेरोजगार युवाओं को रोजगार  मिले. इसके लिए युवाओं को पशुपालन से जुड़े काम शुरू करने के लिए बैंक से लोन दिलाया जा रहा है. सरकार इस लोन पर 25 प्रतिशत से लेकर 60 प्रतिशत तक सब्सिडी भी दे रही है. इससे युवाओं के लिए डेयरी, पोल्ट्री और बकरी पालन जैसे काम शुरू करना आसान हो रहा है. सरकार का मानना है कि अगर गांवों में पशुपालन मजबूत होगा तो लोग शहरों की ओर पलायन कम करेंगे और अपने गांव में ही रोजगार के अवसर तलाश सकेंगे.

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