वेनेजुएला में इस पशु और पक्षी को पालने वाले किसानों पर संकट, भारत में भी खूब होता है पालन

वेनेजुएला में राजनीतिक और आर्थिक संकट का असर पशुपालकों पर साफ दिख रहा है. वहां मुर्गी और सूअर पालने वाले किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दिलचस्प बात यह है कि भारत में भी इन पशु-पक्षियों का बड़े पैमाने पर पालन किया जाता है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 5 Jan, 2026 | 06:22 PM

Venezuelan : अमेरिका ने वेनेजुएला (America attacks Venezuela) के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को बीते दिनों हिरासत में लिया है. इस घटना के बाद मची उथल पुथल से दुनिया की नजरें वेनेजुएला पर टिक गई हैं. खबरों के मुताबिक अमेरिका की कार्रवाई से वहां राजनीतिक और सामाजिक माहौल में भारी हलचल देखी जा रही है. अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच आम लोगों की जिंदगी और देश की खाद्य व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है. ऐसे हालात में वेनेजुएला का मुर्गी और सूअर पालन सेक्टर खास चर्चा में है, क्योंकि यही क्षेत्र लाखों लोगों की रोजी‑रोटी और देश की खाद्य सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ है. वेनेजुएला में सूअर पालन और मुर्गीपालन खूब होता है. भारत भी बड़े पैमाने पर इस तरह से पुशपालन करता है.

वेनेजुएला में मुर्गी और सूअर पालन की स्थिति

वेनेजुएला में मुर्गी और सूअर  पालन मांस उत्पादन का अहम आधार माना जाता है. गांवों और कस्बों में छोटे किसान मुर्गी और सूअर पालकर अपने परिवार की आमदनी चलाते हैं. मुर्गी और सूअर का मांस यहां लोगों के रोजमर्रा के खाने का बड़ा हिस्सा है. शोध बताते हैं कि इन पशुओं के मांस में ओलिक और लिनोलिक जैसे अच्छे फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. हालांकि, संसाधनों की कमी और कमजोर व्यवस्था के कारण इस सेक्टर की पूरी क्षमता सामने नहीं आ पा रही है.

आहार, कानून और स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां

मुर्गी और सूअर पालन  से जुड़ी सबसे बड़ी परेशानी साफ पानी और पशु चिकित्सा सेवाओं की कमी है. कई इलाकों में खराब पानी के कारण पशुओं में बीमारियां फैलती हैं, जिससे उत्पादन घटता है और किसानों को एंटीबायोटिक दवाओं पर ज्यादा खर्च करना पड़ता है. वहीं पशुधन से जुड़े कानून अधिकतर चोरी और अवैध व्यापार तक सीमित हैं, पशु कल्याण और स्वास्थ्य पर कम ध्यान दिया गया है. सूअरों में स्वाइन एरिज़िपेलस और आंतरिक परजीवी जैसी बीमारियां आम हैं, जो छोटे किसानों के लिए बड़ा नुकसान बन जाती हैं.

छोटे किसानों के लिए बाजार और सेवाओं की कमी

वेनेजुएला में छोटे किसानों  के सामने बाजार तक पहुंच भी बड़ी चुनौती है. सही दाम न मिलना, पशु डॉक्टरों की कमी और सही प्रशिक्षण न होना उनकी आमदनी पर असर डालता है. कई बार गलत इलाज या देर से इलाज होने पर पूरा झुंड बीमार हो जाता है. इससे न सिर्फ किसान को नुकसान होता है, बल्कि मांस की आपूर्ति भी प्रभावित होती है.

सुधार की संभावनाएं और आगे का रास्ता

अगर स्वच्छ जल प्रबंधन पर ध्यान दिया जाए और पानी की पूरी प्रणाली की नियमित सफाई और कीटाणुशोधन किया जाए, तो बीमारियों को काफी हद तक रोका जा सकता है. बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं, समय पर जांच और सही इलाज से उत्पादन बढ़ाया जा सकता है. इसके साथ ही छोटे किसानों को बाजार से जोड़ना, प्रशिक्षण देना और आधुनिक तरीकों की जानकारी देना जरूरी है. कुल मिलाकर, वेनेजुएला में मुर्गी और सूअर पालन में अच्छी संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए बुनियादी ढांचे, स्वच्छता और सेवाओं में निवेश करना बेहद जरूरी होगा, ताकि देश की खाद्य सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता  मजबूत हो सके.

भारत में सुअर और मुर्गी पालन की स्थिति

भारत में सुअर पालन मुख्य रूप से पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, झारखंड और मेघालय में किया जाता है, जहां यह ग्रामीण आजीविका का मजबूत आधार है. वहीं मुर्गी पालन पूरे देश में फैला हुआ है. पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा और तमिलनाडु जैसे राज्यों में यह बड़े स्तर पर होता है, क्योंकि अंडा और चिकन प्रोटीन का सस्ता, पौष्टिक और आसानी से मिलने वाला स्रोत माने जाते हैं.

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Published: 5 Jan, 2026 | 06:22 PM

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