मौसम में उतार-चढ़ाव से पशु के बीमार होने का खतरा, सही देखभाल से बच सकता है नुकसान

Cattle Care Tips: फरवरी में बदलते मौसम का असर दुधारू पशुओं की सेहत पर पड़ सकता है. सर्दी-जुकाम और दूध कम होने की समस्या बढ़ जाती है. ऐसे में पशुओं को रोज धूप देना और इन चीजों का जरूर खिलाना चाहिए. सही देखभाल से बीमारी और नुकसान दोनों से बचा जा सकता है.

नोएडा | Updated On: 13 Feb, 2026 | 09:05 PM

Dairy Animals Care: फरवरी का महीना आते ही मौसम आंख-मिचौली खेलने लगता है. सुबह ठंड, दोपहर में हल्की गर्मी और फिर शाम को ठंडी हवा-यह बदलाव सिर्फ इंसानों को ही नहीं, बल्कि दुधारू पशुओं को भी परेशान कर देता है. जरा सी लापरवाही से सर्दी-जुकाम, बुखार और दूध कम होने जैसी दिक्कतें शुरू हो सकती हैं. ऐसे में पशुपालकों को थोड़ी समझदारी दिखाने की जरूरत है.

बदलता मौसम बन सकता है बीमारी की वजह

फरवरी में तापमान तेजी से ऊपर-नीचे होता है. यही उतार-चढ़ाव पशुओं की सेहत  पर सीधा असर डालता है. खासकर दुधारू पशुओं में सर्दी, जुकाम, निमोनिया और जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ जाती है. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो दूध उत्पादन कम हो जाता है. कई बार दूध की गुणवत्ता  भी गिर जाती है. इससे सीधा नुकसान पशुपालक को उठाना पड़ता है. इसलिए इस मौसम को हल्के में लेना ठीक नहीं है.

2 से 3 घंटे धूप है बेहद जरूरी

ठंड के असर को कम करने के लिए पशुओं को रोजाना  2 से 3 घंटे धूप जरूर मिलनी चाहिए. धूप से उनके शरीर को गर्माहट मिलती है और रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ती है. दिन में ऐसी जगह बांधें जहां अच्छी धूप आती हो. लेकिन दोपहर में जब तापमान ज्यादा बढ़ जाए, तो उन्हें छांव भी मिले, इसका ध्यान रखें. उनके रहने की जगह सूखी और साफ होनी चाहिए. गीली जमीन या गंदगी से बीमारी जल्दी फैलती है. फर्श पर सूखा बिछावन रखें ताकि ठंड सीधे शरीर में न लगे.

खान-पान में रखें खास ध्यान

इस मौसम में पशुओं का खाना संतुलित होना चाहिए. हरा चारा, सूखा भूसा और संतुलित आहार जरूरी है. खाने में खनिज मिश्रण  मिलाने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. कमजोर आहार देने से पशु जल्दी बीमार पड़ सकते हैं और दूध कम देने लगते हैं. इसलिए चारे की गुणवत्ता पर समझौता न करें. इसके साथ ही, समय पर खाना देना भी जरूरी है. अनियमित खान-पान से भी सेहत बिगड़ सकती है.

ठंडा पानी न पिलाएं, गुनगुना पानी दें

फरवरी में सबसे बड़ी गलती ठंडा पानी पिलाना हो सकती है. ठंडा पानी सर्दी-जुकाम और बुखार को बढ़ा सकता है. कोशिश करें कि पशुओं को ताजा और हल्का गुनगुना पानी पिलाएं. पानी साफ हो और दिन में कई बार बदला जाए. इससे संक्रमण का खतरा कम होता है. अगर कोई पशु सुस्त दिखे, खाना कम खाए या दूध कम दे, तो तुरंत ध्यान दें. जरूरत पड़े तो पशु चिकित्सक  से सलाह लेने में देर न करें.

Published: 13 Feb, 2026 | 09:17 PM

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