Dairy Farming Tips : जैसे-जैसे सर्दी का सितम बढ़ता है, हमारे बेजुबान पशुओं के लिए भी मुश्किलें बढ़ने लगती हैं. अक्सर देखा गया है कि कड़ाके की ठंड शुरू होते ही गाय और भैंस की भूख कम हो जाती है और उनकी दूध देने की क्षमता घटने लगती है. एक पशुपालक के लिए यह सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि अपने परिवार के सदस्य जैसे पशु की सेहत की चिंता भी होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई और चारे की नांद में किए गए छोटे से बदलाव पशुओं के शरीर को न सिर्फ गर्म रख सकते हैं, बल्कि दूध की मात्रा को भी बढ़ा सकते हैं.
क्यों कम हो जाता है दूध?
सर्दियों में पशुओं के शरीर को खुद को गर्म रखने के लिए ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है. अगर उन्हें सही पोषण न मिले, तो वे सुस्त होने लगते हैं, उनकी जुगाली घट जाती है और पेट से जुड़ी बीमारियां उन्हें घेर लेती हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस मौसम में पशुओं के शरीर का तापमान बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है. जब पशु ठंड से लड़ने में अपनी पूरी ऊर्जा खर्च कर देता है, तो उसका असर सीधे दूध के उत्पादन पर पड़ता है. इसलिए सर्दियों में स्पेशल डाइट प्लान बहुत जरूरी है.
बरसीम का जादू और भूसे का सही तालमेल
सर्दियों में बरसीम किसी वरदान से कम नहीं है. इसमें प्रोटीन और पानी की भरपूर मात्रा होती है, जो दूध बढ़ाने में जादुई असर करती है.कई विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पशु को पर्याप्त हरा चारा मिले, तो महंगे दाने और खल का खर्चा कम किया जा सकता है. हालांकि, केवल हरा चारा खिलाने से पशु का पेट फूल सकता है. इसलिए समझदारी इसी में है कि 25-30 किलो दलहनी चारे में कम से कम 5-10 किलो गेहूं का भूसा मिलाकर खिलाएं. यह मिश्रण न सिर्फ आसानी से पचता है, बल्कि पशु को अंदरूनी गर्मी भी देता है.
डाइट में शामिल करें ये खास मसाले
पशुओं के दाने (कंसंट्रेट मिक्सचर) में मिनरल मिक्सचर और नमक का वही रोल है, जो हमारे खाने में स्वाद और सेहत का होता है. रोजाना के चारे में 2 प्रतिशत मिनरल मिक्सचर और 1 प्रतिशत नमक मिलाने से पशुओं की हड्डियां मजबूत रहती हैं और उनकी प्रजनन क्षमता भी बनी रहती है. कड़ाके की ठंड के दिनों में करीब 3 किलो दाना मिश्रण पशु को जरूर देना चाहिए ताकि उनका शरीर बाहरी तापमान से लड़ने के लिए तैयार रहे.
सर्दियों के लिए आदर्श पशु आहार चार्ट
पशुओं की सेहत और भरपूर दूध के लिए इस चार्ट को अपनी डायरी में नोट कर लें-
| खुराक की सामग्री | कितनी मात्रा (रोजाना) | मुख्य फायदे |
|---|---|---|
| हरा चारा (बरसीम) | 40 से 50 किलो | दूध की मात्रा बढ़ती है, प्रोटीन मिलता है. |
| गेहूं का भूसा | 5 से 10 किलो | पाचन दुरुस्त रहता है, पेट नहीं फूलता. |
| दाना मिश्रण | लगभग 3 किलो | शरीर को ऊर्जा और गर्मी देता है. |
| मिनरल मिक्सचर | दाने का 2 फीसदी | हड्डियां मजबूत और प्रजनन बेहतर. |
| सादा नमक | दाने का 1 फीसदी | शरीर में खनिज का संतुलन बनाए रखता है. |
| पानी | जरूरत अनुसार | सिर्फ गुनगुना या ताजा पानी दें. |
गुनगुना पानी और मालिश का सुख
अक्सर लोग ठंड में पशुओं को नहलाना बंद कर देते हैं, जो ठीक है, लेकिन उनकी सफाई बंद करना गलत है. सूखे ब्रश या कपड़े से रोज पशु की मालिश करें, इससे उनका खून का दौरा (Blood Circulation) बढ़ता है और वे एक्टिव रहते हैं. सबसे जरूरी बात-पशुओं को कभी भी बर्फीला ठंडा पानी न पिलाएं. उन्हें हमेशा ताजा या हल्का गुनगुना पानी ही दें. ठंडा पानी पीने से पाचन बिगड़ जाता है, जिससे दूध का फैट कम हो जाता है.