खेती का नया फॉर्मूला, बत्तख मछली और सब्जी से एक साथ किसान करें जबरदस्त कमाई

खेती की बढ़ती लागत के बीच मछली पालन किसानों के लिए कम खर्च में ज्यादा मुनाफे का विकल्प बन रहा है. इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग से एक ही जगह मछली, बत्तख और सब्जी उगाकर आमदनी बढ़ाई जा रही है. यह तरीका भविष्य की खाद्य जरूरतों के लिए भी अहम माना जा रहा है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 28 Jan, 2026 | 09:22 PM

Fish Farming : आज जब खेती का खर्च बढ़ता जा रहा है और मुनाफा घटता दिख रहा है, तब किसान ऐसे विकल्प खोज रहे हैं जो कम लागत में ज्यादा आमदनी दे सकें. ऐसे समय में फिश फार्मिंग यानी मछली पालन एक मजबूत सहारा बनकर उभर रही है. खास बात यह है कि अब मछली पालन सिर्फ तालाब तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बत्तख, सब्जी और पशुपालन के साथ मिलकर तिगुनी कमाई का जरिया बन रहा है.

मछली पालन क्यों बन रहा है फायदे का सौदा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मछली पालन  आज किसानों के लिए तेजी से मुनाफा देने वाला काम बन रहा है. इसमें लागत कम लगती है और उत्पादन अच्छा मिलता है. मछली सिर्फ आमदनी का साधन ही नहीं, बल्कि सस्ता और पौष्टिक प्रोटीन  भी देती है. बढ़ती आबादी के बीच सस्ती और पौष्टिक डाइट की जरूरत को देखते हुए मछली की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिल रही है.

पॉलीकल्चर तकनीक से बढ़ेगी पैदावार

रिपोर्ट बताती है कि एक ही तालाब में अलग-अलग किस्म की मछलियां पालने को पॉलीकल्चर तकनीक कहा जाता है. इसमें कतला, रोहू और मृगल जैसी मछलियों को एक साथ पाला जाता है. ये मछलियां तालाब के अलग-अलग स्तर पर भोजन करती हैं, जिससे तालाब का पूरा इस्तेमाल होता है और उत्पादन भी बढ़ जाता है. कम कांटे वाली या बिना कांटे की मछलियां भी किसानों  के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं, क्योंकि इन्हें पालना आसान और मुनाफा ज्यादा होता है.

आधुनिक तकनीक से आसान और सुरक्षित पालन

अब मछली पालन में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ रहा है. एरेटर, टैंक और नियंत्रित सिस्टम से मछलियों को पर्याप्त ऑक्सीजन और साफ पानी मिलता है. मछलियों के चारे  के लिए स्थानीय स्तर पर मिलने वाले तेल बीजों की खली जैसे सस्ते विकल्प इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जिनमें प्रोटीन भरपूर होता है. बीज उत्पादन के लिए आधुनिक विधियों से अच्छी क्वालिटी के बीज मिलते हैं, जिससे मछलियों की बढ़वार बेहतर होती है. सरकार की योजनाओं के तहत किसानों को सब्सिडी और आर्थिक मदद भी मिल रही है.

इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग से तिगुनी कमाई

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग भविष्य की सबसे कारगर तकनीक मानी जा रही है. इसमें मछली पालन के साथ बत्तख, मवेशी या सब्जियों की खेती की जाती है. बत्तखों का अपशिष्ट तालाब में प्राकृतिक खाद का काम करता है, जिससे मछलियों के लिए प्राकृतिक भोजन  तैयार होता है. वहीं तालाब का पानी सब्जियों की सिंचाई में इस्तेमाल किया जा सकता है. इस तरह एक ही संसाधन से कई तरह की कमाई होती है.

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Published: 28 Jan, 2026 | 09:22 PM

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