बिहार ने 154 करोड़ के डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन को दी मंजूरी, मोबाइल पर मिलेंगी खेती की डिटेल्स

Bihar Cabinet Approval: बिहार सरकार ने 154 करोड़ रुपये की लागत से डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत किसानों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन, फसल सर्वे और कृषि सेवाओं को ऑनलाइन किया जाएगा, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलेगा. इसके साथ ही 79.85 करोड़ रुपये की लागत से दलहन आत्मनिर्भरता मिशन को भी मंजूरी दी गई है.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 9 Jul, 2026 | 02:29 PM

Digital Agriculture Mission Bihar: बिहार सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. राज्य कैबिनेट ने डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के क्रियान्वयन को मंजूरी दे दी है. इस योजना पर करीब 154 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. सरकार का उद्देश्य खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ना, किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाना और कृषि सेवाओं को आसान बनाना है. आने वाले समय में डिजिटल तकनीक खेती का अहम हिस्सा बनेगी. इसी दिशा में बिहार सरकार यह नई पहल कर रही है, जिससे किसानों को खेती से जुड़े कई काम ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से करने में मदद मिलेगी.

क्या है डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन?

डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन ऐसी योजना है, जिसके तहत खेती से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा. इसमें किसानों का पंजीकरण, खेतों का रिकॉर्ड, फसल की जानकारी और कृषि योजनाओं का डेटा एक जगह उपलब्ध होगा. इससे किसानों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर मिल सकेगा.

किसानों की बनेगी डिजिटल पहचान

इस मिशन के तहत राज्य के किसानों की डिजिटल प्रोफाइल तैयार की जाएगी. इसमें किसान का नाम, जमीन का विवरण, बोई गई फसल और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज होगी. इस डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए सरकार आसानी से यह पता लगा सकेगी कि किस किसान को किस योजना का लाभ देना है. इससे योजनाओं में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और फर्जीवाड़े की संभावना कम होगी.

फसलों पर रहेगी डिजिटल नजर

नई योजना के तहत खेतों और फसलों की निगरानी भी आधुनिक तकनीक की मदद से की जाएगी. फसल सर्वेक्षण और रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से तैयार होंगे, जिससे उत्पादन का सही अनुमान लगाया जा सकेगा. इसके आधार पर सरकार समय रहते किसानों के लिए जरूरी फैसले ले सकेगी और कृषि योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू कर पाएगी. डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ जल्दी मिल सकेगा. पात्र किसानों की पहचान आसान होगी और आवेदन प्रक्रिया भी पहले से ज्यादा सरल बन जाएगी. इससे कृषि विभाग की सेवाएं तेज होंगी.

दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए भी मिली मंजूरी

कैबिनेट बैठक में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के साथ-साथ दलहन आत्मनिर्भरता मिशन को भी मंजूरी दी गई. इसके लिए 79.85 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. इस योजना का मकसद राज्य में दलहन की खेती को बढ़ावा देना, उत्पादन बढ़ाना और किसानों को दलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है. इससे दालों के उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.

खेती को मिलेगी नई दिशा

सरकार का मानना है कि डिजिटल तकनीक अपनाने से खेती अधिक वैज्ञानिक और पारदर्शी बनेगी. किसानों को सही समय पर जानकारी मिलेगी, सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलेगा और कृषि प्रशासन भी अधिक प्रभावी होगा. डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन जैसे कदम बिहार की खेती को आधुनिक बनाने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं.

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Published: 9 Jul, 2026 | 02:12 PM

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