Kharif Sowing 2026: देशभर के किसानों के लिए राहत भरी खबर है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब पूरे भारत में पहुंच चुका है. इस साल मॉनसून ने 9 जुलाई को पूरे देश को कवर किया, जो सामान्य तारीख से सिर्फ एक दिन बाद है. जून में बारिश की भारी कमी के कारण किसान खरीफ फसलों की बुवाई को लेकर चिंतित थे, लेकिन जुलाई की अच्छी बारिश ने उम्मीदें फिर से बढ़ा दी हैं. मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी और किसानों को काफी राहत मिलेगी. वहीं, किसान धान के साथ ही कम पानी लागत वाली और जल्दी तैयार होने वाली मोटे अनाज की फसलों को उगाने पर जोर दे रहे हैं.
यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली में भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के वैज्ञानिक डॉ. नरेश ने बताया कि अब मॉनसून पूरे देश में पहुंच चुका है, जिसमें राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के बाकी हिस्से भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना था, जो उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए डिप्रेशन (गहरे कम दबाव) में बदल गया. फिलहाल यह सिस्टम दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में सक्रिय है.
डॉ. नरेश के मुताबिक, आज उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, उत्तराखंड में आज और कल बहुत भारी बारिश हो सकती है. दिल्ली-एनसीआर के लिए भी आज भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.
#WATCH | Delhi: On weather update, IMD Scientist Dr Naresh says, “… The monsoon has now covered the entire country, including the remaining parts of Rajasthan, Punjab, and Haryana. The reason is that a low-pressure area developed over the Bay of Bengal a few days ago and moved… pic.twitter.com/5Z8fnU1uXb
— ANI (@ANI) July 9, 2026
जून में कम बारिश से प्रभावित हुई थी बुवाई
इस साल जून का महीना किसानों के लिए चुनौती भरा रहा. पूरे देश में सामान्य से करीब 37 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई. इसका सीधा असर धान, सोयाबीन, कपास, दालें और दूसरी खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ा. कई राज्यों में खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने के कारण किसान समय पर बुवाई नहीं कर सके.
कृषि मंत्रालय के अनुसार, 5 जुलाई तक खरीफ फसलों की बुवाई लगभग 350.85 लाख हेक्टेयर में हुई, जबकि पिछले साल इसी समय तक 442.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हो चुकी थी. यानी इस बार अब तक करीब 21 प्रतिशत कम क्षेत्र में बुवाई हुई है.
जुलाई की बारिश से बढ़ी उम्मीद
हालांकि जुलाई की शुरुआत किसानों के लिए राहत लेकर आई है. महीने के पहले नौ दिनों में सामान्य से 38 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है. अच्छी बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई तेज होने की संभावना है. जुलाई मॉनसून का सबसे अहम महीना माना जाता है. इसी दौरान सबसे ज्यादा खरीफ फसलों की बुवाई होती है. इसलिए समय पर हुई बारिश से उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ सकता है.
Advance of Southwest Monsoon 2026
❖ The Southwest Monsoon has further advanced into remaining parts of north Arabian Sea, Rajasthan, Haryana & Punjab, today the 09th July, 2026. Thus, it has covered the entire country on 09th July, 2026, against the normal date of 08th July (1… pic.twitter.com/tX4rTNgIAw
— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 9, 2026
अब भी कई राज्यों में बारिश की कमी
हालांकि पूरे देश में मॉनसून पहुंच चुका है, लेकिन कई राज्यों में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, केरल और असम समेत 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अब भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम है.
1 जून से 9 जुलाई के बीच पूरे देश में 204.7 मिमी बारिश हुई, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 239.1 मिमी होता है. यानी अब भी देश में कुल मिलाकर लगभग 14 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है.
किसानों के लिए क्यों अहम है जुलाई?
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार के लिए जुलाई का महीना सबसे महत्वपूर्ण होता है. इसी समय किसान धान, मक्का, सोयाबीन, बाजरा, कपास और दालों जैसी फसलों की बुवाई पूरी करते हैं. अगर जुलाई में अच्छी बारिश मिलती है, तो फसल का विकास बेहतर होता है और उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है. साथ ही खरीफ फसल समय पर तैयार होने से नवंबर में रबी फसलों की बुवाई भी आसानी से हो पाती है. किसानों को जुलाई में अच्छी बारिश की उम्मीद है और किसान धान के साथ ही कम पानी लागत वाली और जल्दी तैयार होने वाली मोटे अनाज की फसलों को उगाने पर जोर दे रहे हैं.
अभी भी मौसम पर बनी रहेगी नजर
मौसम विभाग ने इस साल जून से सितंबर के बीच सामान्य से कम बारिश रहने का अनुमान जताया है. ऐसे में किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखें और बारिश के अनुसार खेती की योजना बनाएं. फिलहाल जुलाई की अच्छी बारिश ने किसानों की चिंता कुछ हद तक कम कर दी है. अगर आने वाले हफ्तों में मॉनसून सक्रिय बना रहा, तो खरीफ बुवाई की रफ्तार बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र को बड़ा फायदा मिल सकता है.