Haryana News: हरियाणा के सिरसा जिले में कई राशन डिपो पर बांटे जा रहे गेहूं की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई हैं. खासकर वार्ड 20 और 21 के डिपो से राशन लेने वाले बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों ने आरोप लगाया है कि उन्हें खराब गुणवत्ता का गेहूं दिया जा रहा है. लाभार्थियों का कहना है कि गेहूं खाने लायक नहीं है और तय गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता. उन्होंने गेहूं की वैज्ञानिक जांच कराने और जांच पूरी होने तक इसका वितरण रोकने की मांग की है.
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड ने मामले की जांच शुरू कर दी है. साथ ही एक तीन सदस्यीय जांच समिति भी बनाई गई है. यह समिति पता लगाएगी कि खराब गुणवत्ता का गेहूं राशन डिपो तक कैसे पहुंचा और खरीद, भंडारण, परिवहन या वितरण के दौरान कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई. जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक हरवीर सिंह ने कहा कि सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की जांच के दौरान राशन के गेहूं में मिट्टी और कंकड़ मिले हैं. गेहूं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं.
गेहूं की आपूर्ति अगले आदेश तक रोक दी गई
उन्होंने कहा कि तीन सदस्यीय जांच समिति को जुलाई और अगस्त के पीडीएस कोटे के तहत भेजे गए गेहूं की गुणवत्ता की जांच कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं. इस बीच स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जांच शुरू होने के बावजूद खराब गुणवत्ता वाले गेहूं का वितरण क्यों जारी रखा गया. हालांकि, विभागीय सूत्रों के अनुसार फिलहाल संबंधित राशन डिपो पर गेहूं की आपूर्ति अगले आदेश तक रोक दी गई है.
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अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं उपलब्ध कराने की मांग
शिकायत दर्ज कराने वाले स्थानीय निवासी अमित सोनी ने मांग की है कि यदि जांच में गेहूं खराब गुणवत्ता का पाया जाता है तो पूरे स्टॉक को तुरंत वापस लिया जाए और उसकी जगह अच्छी गुणवत्ता वाला गेहूं उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और लापरवाही के दोषी अधिकारियों या संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की है.
खराब गुणवत्ता वाला गेहूं बांटा गया
बीपीएल परिवारों का कहना है कि सरकारी राशन ही उनके भोजन का मुख्य सहारा है. ऐसे में अगर खराब गुणवत्ता वाला गेहूं बांटा गया तो इससे उनकी सेहत और खाद्य सुरक्षा दोनों पर असर पड़ सकता है. लाभार्थियों ने सरकार से मांग की है कि राशन डिपो तक अनाज पहुंचाने से पहले उसकी गुणवत्ता की सख्त जांच की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों. वहीं, सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड के एक अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच जारी है. जांच समिति जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.