हरियाणा सरकार ने राश की अनियमितताओं को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है. खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग राज्य भर में सभी राशन डिपो में CCTV कैमरे लगाने जा रहा है, ताकि संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके. विभाग के अधिकारियों के अनुसार, CCTV कैमरे लगाने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) राज्य मुख्यालय स्तर पर तैयार की जा रही है. खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले के मंत्री राजेश नगर के निर्देशों पर ये कैमरे राज्यभर के राशन डिपो में लगाए जाएंगे. करनाल जिले में अकेले 650 से अधिक डिपो में कैमरे लगाए जाएंगे.
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को राशन वितरण में किसी भी अनियमितता को रोकना है. DFSC अनिल कुमार ने कहा कि यह कदम पारदर्शिता और जिम्मेदारी दोनों को सुनिश्चित करेगा. स्टॉक प्राप्ति, बिक्री और डिपो संचालन में पूरी पारदर्शिता बनाए रखी जाएगी. अब लाभार्थियों को यह विश्वास होगा कि उनके अधिकारों का प्रबंधन निष्पक्ष तरीके से किया जा रहा है.
दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा
उन्होंने कहा कि योजना बनाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और हम इसे जल्द से जल्द लागू करने पर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कैमरे डिपो के खोलने और बंद करने, स्टॉक मूवमेंट और लाभार्थियों से होने वाली लेन-देन को कवर करेंगे. DFSC अनिल कुमार ने कहा कि हर डिपो को उचित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा. कैमरों से प्राप्त डेटा केवल स्थानीय रूप से ही नहीं बल्कि एक केंद्रीय सर्वर पर भी बैकअप रखा जाएगा. इससे रिकॉर्ड सुरक्षित और छेड़छाड़ से मुक्त रहेंगे.
बेहर होगा डिपो का संचालन
वितरण प्रणाली में तकनीकी महत्व को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि यह तकनीक कदाचार के खिलाफ एक मजबूत उपकरण है, वास्तविक समय में निगरानी और मजबूत बैकअप सिस्टम के साथ सरकार यह सुनिश्चित कर सकती है कि आपूर्ति श्रृंखला पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे. यह दोनों, सिस्टम और लाभार्थियों, के लिए सबसे अच्छा है. उन्होंने कहा कि यह कदम विश्वास को मजबूत करेगा, कार्यकुशलता बढ़ाएगा, और डिपो के संचालन को और ज्यादा जिम्मेदार बनाएगा.
80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन
बता दें कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत हर महीने देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दी जाती है. इस योजना का लाभ पाने के लिए योग्य लोगों को नया राशन कार्ड बनवाना होता है. राशन में हर व्यक्ति को 5 किलो गेहूं, चावल या अन्य खाद्यान्न दिया जाता है. लेकिन राश डीलर कई बार धांधली करते हैं और गोदाम से अनाज ब्लैक मार्केट में बेच देते हैं. यही वजह है कि इस तरह की धांधली को रोकने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है.