Mandi Bhav: सब्जियों की कीमत में लगी आग, 100 रुपये टमाटर तो 70 रुपये किलो लौकी, क्यों बढ़ रहे रेट?

पंजाब में भारी बारिश और बाढ़ के कारण सब्जियों की सप्लाई बाधित हो गई है, जिससे चंडीगढ़ में टमाटर सहित कई सब्जियों के दाम तेजी से बढ़े हैं. टमाटर की कीमत 100 किलो तक पहुंच गई है. अन्य सब्जियां जैसे शिमला मिर्च, लौकी, भिंडी भी महंगी हो गई हैं.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 5 Sep, 2025 | 04:46 PM

Vegetable Price Hike: भारी बारिश और बाढ़ के चलते पंजाब की मंडियों में सब्जियों की सप्लाई प्रभावित हुई है. इसके चलते सब्जियां महंगी हो गई हैं. खास चंडीगढ़ में सब्जियों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है. इससे आम जनता के किचन का बजट बिगड़ गया है. खुदरा विक्रेताओं ने कहना है कि लगभग सभी सब्जियों के दाम बढ़े हैं, लेकिन टमाटर सबसे महंगे हो गए हैं. जो टमाटर पहले 50 रुपये किलो बिकते थे, अब उनकी कीमत बढ़कर 80 से 100 रुपये हो गई है. व्यापारियों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक  सब्जियां महंगी ही रहेंगी.

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो हफ्तों में टमाटर के दाम दोगुने हो गए हैं. 15 जून को टमाटर 49 प्रति किलो था, जो बुधवार को मंडियों में 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए. खुदरा बाजारों में ये और भी महंगे बिक रहे हैं. जहां आम टमाटर 80 रुपये प्रति किलो है, वहीं प्रीमियम क्वालिटी के टमाटर की कीमत 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. शिमला मिर्च, लौकी और भिंडी जैसी सब्जियों के दाम भी पिछले महीने की तुलना में काफी बढ़े हैं. इस  समय लौकी 70 रुपये किलो, शिमला मिर्च 120 रुपये किलो, फूलगोभी 120 रुपये किलो, करेला 70 रुपये किलो,  लहसुन 120 रुपये किलो, गाजर 60 रुपये किलो और बैंगन 70 रुपये किलो की दर से बिक रहे हैं.

बेंगलुरु से सब्जिों की आवक

पंजाब मंडी बोर्ड की अपनी मंडी प्रभारी कोमल शर्मा ने कहा कि पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ ने स्थानीय सब्जी उत्पादन को बुरी तरह प्रभावित किया है. बुधवार को चंडीगढ़ में रातभर हुई बारिश के कारण बाढ़ग्रस्त मंडी तक सप्लाई नहीं पहुंच सकी. अब सब्जियां उत्तर प्रदेश से और टमाटर बेंगलुरु से मंगवाए जा रहे हैं, जिससे परिवहन खर्च बढ़ने के कारण दाम भी बढ़ गए हैं.

हीटवेव से फसल हो गई थी खराब

शर्मा ने कहा कि पहले टमाटर पंजाब से ही आते थे, लेकिन इस बार तेज आंधी और हीटवेव से पहले ही फसल को नुकसान पहुंचा था, जिससे पैदावार और गुणवत्ता दोनों गिरी. अब बाढ़ और मजदूरों की कमी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. उन्होंने कहा कि टमाटर नाजुक फसल होती है, जल्दी खराब हो जाती है. अच्छी क्वालिटी के टमाटर कम हैं, इसलिए खुदरा बाजार में इनके दाम काफी बढ़ गए हैं.

खुदरा मार्केट में 30 रुपये किलो प्याज

हालांकि प्याज और आलू की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं. प्याज खुदरा मार्केट में 30 रुपये किलो बिक रहा है, जबकि आलू का भाव 25 रुपये प्रति किलो है. कोमल शर्मा ने चेतावनी दी कि अब जब सब्जियों की सप्लाई दक्षिण भारत से आ रही है, तो आने वाले हफ्तों में लगभग सभी सब्जियों के दाम ऊंचे बने रह सकते हैं.

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Published: 5 Sep, 2025 | 02:49 PM
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