Haryana News: हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा आलू के बीज उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में से एक बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के इस्तेमाल से बीज उत्पादन में लागत कम हुई और उपज बढ़ी है. यह बात उन्होंने करनाल जिले के शमगढ़ गांव में पोटैटो टेक्नोलॉजी सेंटर (PTC) में हॉर्टिकल्चर विभाग हरियाणा द्वारा आयोजित चौथे पोटैटो एक्सपो के समापन समारोह में कही.
राणा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम किसानों और खरीदारों को सीधे जोड़ने का काम करते हैं, जिससे उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत एक कृषि-प्रधान देश है और कृषि का विकास ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित हरियाणा’ के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को पूरा करता है. 2014 के बाद से पीएम मोदी के नेतृत्व में देश ने कृषि क्षेत्र और किसानों के लिए कई नए अवसर दिए हैं.
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टिशू कल्चर लैब का निरीक्षण किया
दो दिन चलने वाले इस एक्सपो में हरियाणा और अन्य राज्यों के प्रगतिशील किसान, बीज उत्पादक, वैज्ञानिक, खरीदार, विक्रेता और सरकारी व निजी कंपनियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इस एक्सपो का मुख्य उद्देश्य आधुनिक आलू खेती की तकनीक दिखाना, उच्च गुणवत्ता वाले बीज आलू को बढ़ावा देना और किसानों को बेहतर बाजार से जोड़ना था. हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने सबसे पहले संस्थान में स्थापित अत्याधुनिक टिशू कल्चर लैब का निरीक्षण किया. उन्हें बीमारियों से मुक्त और उच्च गुणवत्ता वाले बीज आलू बनाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई. इसके बाद उन्होंने एरोपोनिक्स यूनिट का दौरा किया और बीज आलू उत्पादन में इस्तेमाल हो रही मिट्टी रहित उन्नत तकनीक को देखा.
किसानों को किया गया सम्मानित
उन्होंने एक्सपो में लगे विभिन्न कंपनियों के स्टॉल का भी निरीक्षण किया. राणा ने अलग-अलग आलू किस्मों के प्रदर्शन ट्रायल भी देखे, जहां 16 किस्मों की उपज, रोग प्रतिरोधक क्षमता और बाजार के अनुकूलता पर चर्चा हुई. उन्होंने नेट हाउस का दौरा कर संरक्षित खेती के जरिए बीज आलू उत्पादन की संभावनाओं को भी जाना. इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. अर्जुन सैनी ने मंत्री का स्वागत किया, जबकि डॉ. रणबीर सिंह, डायरेक्टर जनरल ने उन्हें केंद्र की गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए स्मृति चिन्ह भी भेंट किया. मंत्री ने उत्कृष्ट योगदान देने वाले किसानों को सम्मानित किया. पांच प्रगतिशील किसानों को ‘आलू रत्न’ पुरस्कार दिया गया, जिसमें प्रत्येक को 11,000 रुपये नकद मिले, जबकि 11 किसानों को ‘आलू सम्मान’ पुरस्कार मिला, जिसमें प्रत्येक को 5,100 रुपये नकद पुरस्कार दिया गया. इस अवसर पर यह भी बताया गया कि टिशू कल्चर लैब को 1 अक्टूबर 2025 को किए गए औपचारिक निरीक्षण के बाद भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग से आधिकारिक मान्यता मिली.