Gold-Silver Rate Today: 23 अप्रैल को भारत के सर्राफा बाजार में सोना और चांदी दोनों सस्ते हो गए. इसकी बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (crude oil) की बढ़ती कीमतें और महंगाई को लेकर बढ़ी चिंता है. जब तेल महंगा होता है तो सामान ढोने और बनाने की लागत बढ़ जाती है, जिससे महंगाई का डर बढ़ता है. इसी कारण निवेशक सतर्क हो जाते हैं और सोने-चांदी में निवेश कम कर देते हैं.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत लगभग 0.34 फीसदी गिरकर 1,52,138 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गई. वहीं चांदी में और भी ज्यादा गिरावट देखने को मिली, जो लगभग 1.63 फीसदी टूटकर 2,44,309 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई.
IBJA के अनुसार ताजा भाव
23 अप्रैल 2026 की सुबह के मुताबिक, भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के ताजा रेट जारी किए गए हैं. 24 कैरेट शुद्ध सोना (999) का भाव 15,119 रुपये प्रति ग्राम है. इसके अलावा 22 कैरेट सोना 14,756 रुपये प्रति ग्राम, 20 कैरेट 13,456 रुपये प्रति ग्राम, 18 कैरेट 12,246 रुपये प्रति ग्राम और 14 कैरेट सोना 9,752 रुपये प्रति ग्राम पर बिक रहा है. वहीं चांदी (999) की कीमत 2,43,937 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है.
ये सभी रेट बिना 3 फीसदी जीएसटी और मेकिंग चार्ज के बताए गए हैं, यानी गहने खरीदते समय आपको इन कीमतों के ऊपर अतिरिक्त चार्ज देना होगा.
प्रमुख शहरों में सोने के ताजा रेट
देश के अलग-अलग शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमतों में हल्का अंतर देखने को मिला. मुख्य शहरों के रेट इस प्रकार रहे:
| शहर | 22 कैरेट (₹) | 24 कैरेट (₹) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 1,40,900 | 1,53,700 |
| जयपुर | 1,40,900 | 1,53,700 |
| अहमदाबाद | 1,40,800 | 1,53,600 |
| मुंबई | 1,40,750 | 1,53,550 |
| पुणे | 1,40,750 | 1,53,550 |
| हैदराबाद | 1,41,850 | 1,53,550 |
| चेन्नई | 1,41,850 | 1,53,550 |
| बेंगलुरु | 1,41,850 | 1,53,550 |
| कोलकाता | 1,41,850 | 1,53,550 |
मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,53,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया, जबकि 22 कैरेट सोना 1,40,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा. ध्यान रहे कि इन कीमतों में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
वैश्विक बाजार में भी सोने पर दबाव देखा गया. स्पॉट गोल्ड लगभग 0.7 फीसदी गिरकर 4,705.09 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. जून डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.6 फीसदी टूटकर 4,722.10 डॉलर पर आ गए.
दूसरी ओर, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं. अमेरिका में ईंधन भंडार में गिरावट और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक तनाव के कारण तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं.
सोने की कीमतों पर दबाव क्यों?
कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से ट्रांसपोर्ट और उत्पादन लागत बढ़ जाती है, जिससे महंगाई (Inflation) बढ़ने का खतरा रहता है. जब महंगाई बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंक अक्सर ब्याज दरें ऊंची रखते हैं. ऐसे माहौल में निवेशक सोने की बजाय ऐसे निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित होते हैं जो ब्याज या रिटर्न देते हैं. यही कारण है कि सोने की मांग पर दबाव बनता है.
भारत में सोने की कीमत किन चीजों से तय होती है?
भारत में सोने की कीमतें कई कारणों से तय होती हैं, जैसे:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार के रेट
- आयात शुल्क और टैक्स
- डॉलर-रुपया विनिमय दर
- घरेलू मांग और त्योहारों का सीजन
भारत में सोना केवल निवेश का साधन नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा भी है. शादी-ब्याह और त्योहारों में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है.