Indo US Deal: सीएम आवास पर किसानों ने डाला पड़ाव.. कई संगठनों के किसान पहुंचे, सरकार के खिलाफ नारेबाजी

फसलों पर एमएसपी गारंटी, बुढ़ापा पेंशन समेत किसानों के अन्य मुद्दों को लेकर कई किसान संगठनों के नेता और कार्यकर्ताओं ने कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आवास परिसर के बाहर पड़ाव डाल दिया है. किसानों ने कहा कि उनकी मांगें सरकार पूरी करे नहीं तो आंदोलन लंबा चलेगा.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 23 Feb, 2026 | 02:44 PM

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आवास परिसर के बाहर किसानों ने पड़ाव डाल दिया है. हरियाणा के किसान नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India US Trade Deal) के खिलाफ नारेबाजी की और बुढ़ापा पेंशन, फसलों पर एमएसपी गारंटी समेत कई मुद्दों पर सरकार से सवाल किया है . किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार किसान विरोधी नीतियां लागू कर रही. भारतीय किसान एकता के नेताओं ने कहा कि सरकार ने गुप्त तरीके से अमेरिका के साथ समझौता कर रही है और अस्पष्ट बयान जारी किए जा रहे हैं. किसानों ने नाराजगी जताई और चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों को एक और आंदोलन के लिए मजबूर न किया जाए.

हरियाणा सीएम के आवास पर किसानों ने डाला पड़ाव

भारतीय किसान एकता के हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि अमेरिका भारत ट्रेड डील समेत राज्य स्तरीय योजनाओं और एमएसपी गारंटी को लेकर आज किसान एकजुट हुए हैं. उन्होंने कहा कि भाकियू के कई संगठनों ने मिलकर आज सीएम आवास के यहां धरना दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के साथ एफटीए के विरोध में इससे पहले 17 फरवरी को उपायुक्त कार्यालय सिरसा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका गया था.

किसानों ने सीएम सैनी का पुतला जलाया

हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान एकता, भाकियू सर छोटू राम, किसान मजदूर संघर्ष समिति, भाकियू आजाद समेत कई संगठनों के किसानों ने सीएम आवास पर पड़ाव डाला और साथ हरियाणा सरकार की ओर से बुढ़ापा पेंशन काटने के विरोध में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पुतला जलाया. किसानों ने कहा कि सरकार ने चुनाव के समय वादा किया था कि धान के लिए 3100 रुपये एमएसपी देंगे, लेकिन सरकार मुकर गई है. इसके साथ ही हरियाणा के बाजरा और कपास किसान सिंचाई दिक्कतों के चलते फसल बुवाई नहीं कर सके. इसके लिए सरकार ने ध्यान नहीं दिया, उल्टा किसानों पर कार्रवाई की जा रही है.

किसानों को बड़े आंदोलन के लिए मजबूर न करें

हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर किसानों-मजदूरों की संपूर्ण कर्जा माफी सहित सभी मांगों को लेकर आज 24 और कल 25 फरवरी को कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास के बाहर किसान डटे हुए हैं. हरियाणा सरकार की ओर से बुजुर्गों की काटी गई बुढ़ापा पेंशन को भी बहाल कराने की मांग की गई है. किसान नेताओं ने कहा कि 1987 में चौधरी देवीलाल ने किसानों की बुढ़ापा पेंशन शुरू की थी, लेकिन मौजूदा सरकार बुढ़ापा पेंशन काटने का काम कर रही है. किसान नेताओं ने कहा कि सरकार इस तरह से किसान विरोधी नए कानून लाकर परेशान कर रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि फिर से किसान आंदोलन के लिए किसानों-मजदूरों को मजबूर न किए जाए.

अमेरिका के साथ डील से किसानों को नुकसान- लखविंदर औलख

किसान नेता लखविंदर औलख (Lakhwinder Singh Aulakh) ने कहा कि भाजपा सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगे सरेंडर करते हुए उसके साथ जो ट्रेड डील की है, उससे भारत के किसान, पशुपालकों, मछली पालकों सहित कृषि के सहायक धंधे बर्बाद हो जाएंगे. किसान नेता ने कहा कि गुप्त रूप से बातचीत करके यह समझौता किया गया और इसकी शर्तों का खुलासा नहीं किया गया. इसके बजाय केवल अस्पष्ट बयान जारी किए गए. बीकेई ने बयान में कहा कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने देश को गुमराह किया है.

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