खेती-किसानी पर ज्यादा खर्च करेगी हरियाणा सरकार, कृषि बजट 10 हजार करोड़ करने की तैयारी

Budget 2026: मुख्यमंत्री ने कहा कि वह एक किसान के बेटे हैं और खेती की कठिनाइयों को करीब से समझते हैं. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कृषि विकास के लिए बजटीय सहायता में कोई समझौता या कमी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि किसानों के लिए भरपूर बजट की व्यवस्था की जाएगी.

रिजवान नूर खान
नई दिल्ली | Published: 16 Jan, 2026 | 12:39 PM

Budget 2026 Haryana: खेती और किसानों के विकास के लिए हरियाणा सरकार वित्तवर्ष 2026-27 में जमकर पैसा खर्च करने वाली है. क्योंकि, कृषि और संबद्ध क्षेत्र के लिए पिछली बार दिए गए बजट की तुलना में इस बार बढ़ाने की बात कही गई है. मुख्यमंत्री ने बजट पूर्व सलाह बैठक के बाद कहा कि मैं किसान का बेटा हूं और किसानों की दिक्कतें समझता हूं. उन्होंने कहा कि पिछली बैठक में किसानों, ग्रामीणों समेत अन्य लोगों से मिले 99 सुझावों को बजट के लिए शामिल किया गया है.

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार किसानों की जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखकर नीतियां बना रही है, और बजट में कृषि को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता मिलती रहेगी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश की अर्थव्यवस्था को बनाए रखने में कृषि की अहम भूमिका है. असली भारत गांवों में बसता है, और हरियाणा की पहचान मेहनती किसानों और मज़बूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी है. इसलिए आने वाले बजट में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

मैं किसान का बेटा हूं और खेती की कठिनाइयों को समझता हूं

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह एक किसान के बेटे हैं और खेती की कठिनाइयों को करीब से समझते हैं. 9 जनवरी 2025 को हुई पिछली बजट पूर्व सलाह-मशविरा बैठक को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और विशेषज्ञों से 161 सुझाव मिले थे, जिनमें से 99 महत्वपूर्ण सुझावों को बजट 2025-26 में शामिल किया गया था. उन्होंने कहा कि इन सुझावों के आधार पर सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए कई ऐतिहासिक और व्यावहारिक फैसले लिए.

मेरा पानी मेरी विरासत समेत कई योजनाएं लागू

मुख्यमंत्री ने कहा कि नकली बीज की बिक्री को रोकने के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं. हरियाणा के मोरनी क्षेत्र के लिए एक विशेष कृषि और बागवानी कार्य योजना तैयार की गई, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाली पहलों को और मजबूत किया गया, और जल संरक्षण और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना के तहत वित्तीय सहायता बढ़ाई गई.

उन्होंने कहा कि किसानों के सुझावों के अनुसार, सरकार ने सभी मंडियों का आधुनिकीकरण किया है, सभी फसलों के लिए गेट-पास प्रणाली लागू की है, हर जिले में बीज परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की हैं, नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए हैं और पूरे राज्य में बागवानी मिशन का विस्तार किया है.

पशुपालन से संबंधित कई योजनाओं को विस्तार दिया

पशुधन बीमा योजना का विस्तार, सफेद झींगा पालन की लागत कम करने के लिए सौर टेक्नोलॉजी को अपनाना, दूध उत्पादक प्रोत्साहन योजना लागू करना, दूध कलेक्शन सेंटर, हर-हित स्टोर और नए वीटा बूथ स्थापित करने जैसे उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला है.

कृषि वैज्ञानिकों से आह्वान करते हुए सैनी ने खेती में आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की तत्काल जरूरत है. उन्होंने शोधकर्ताओं से ऐसे इनोवेशन पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया जो इनपुट लागत को कम करें और किसानों की लाभप्रदता बढ़ाएं, जिससे वे बदलते समय के साथ तालमेल बिठा सकें. उन्होंने आगे कहा कि आज के युवा आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके खेती करना चाहते हैं, और इसलिए कृषि अनुसंधान को उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए.

कृषि बजट बढ़कर मिलने की संभावना बढ़ी

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025-26 में कृषि और संबद्ध विभागों के लिए 9,296.68 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया था. इस बार भी किसानों और खेती से जुड़ी योजनाओं के लिए भरपूर फंड की व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कृषि विकास के लिए बजटीय सहायता में कोई समझौता या कमी नहीं होगी. जानकारों का कहना है कि इस बार सरकार कृषि बजट को बढ़ाकर 10 हजार करोड़ रुपये कर सकती है.

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