हरियाणा में 1 अप्रैल से गेहूं की खरीदी, मोबाइल ऐप पर मिलेंगे गेट पास.. सभी मंडियों में जियो-फेंसिंग

हरियाणा में 1 अप्रैल 2026 से गेहूं खरीद शुरू होगी और सरकार ने 72 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा है. किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में पूरी तैयारी की गई है. साथ ही e-खरीद ऐप, जियो-फेंसिंग और बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किए गए हैं, ताकि खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और आसान बन सके.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 29 Mar, 2026 | 07:50 AM

Wheat Procurement: हरियाणा में 1 अप्रैल से शुरू हो रही गेहूं की खरीदी से पहले क्रय केंद्रों पर सारी तैयारियां कर ली गई हैं. मंडी आने वाले किसानों को कोई दिक्कत न हो, इसका पूरा खयाल रखा जाएगा. क्योंकि खुद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गेहूं खरीदी की तैयारियों की बारीकी से मॉनिटरिंग कर रहे हैं. वे अधिकारियों के साथ आए दिन मिटिंग ले रहे हैं. सीएम सैनी ने शनिवार  को अधिकारियों को निर्देश दिया कि रबी खरीद सीजन 2026-27 के दौरान मंडियों में फसल बेचने आने वाले किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो. उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा भी की. सरकार के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से गेहूं की खरीद शुरू होगी और इस सीजन के लिए 72 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया है. वहीं, मंडी में आने वाले किसानों के लिए सभी गेट पास अब e-खरीद मोबाइल ऐप के जरिए जारी किए जाएंगे.

हालांकि, प्रदेश में 28 मार्च से सरसों की खरीद शुरू हो चुकी है. इस साल राज्य सरकार करीब 13 लाख टन सरसों खरीदने  की योजना बना रही है. इसमें से 25 फीसदी खरीद केंद्र सरकार की एजेंसियों (NAFED और NCCF) के जरिए प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत होगी, जबकि बाकी 75 फीसदी खरीद राज्य की एजेंसियां (HAFED और हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन) 50:50 अनुपात में करेंगी.

गेहूं की खरीद के लिए राज्य में 416 मंडियां तय की गई हैं

अधिकारियों के अनुसार, गेहूं की खरीद  के लिए राज्य में 416 मंडियां तय की गई हैं. वहीं, सरसों के लिए 112, जौ के लिए 25, चना के लिए 11 और मसूर के लिए 7 मंडियों की पहचान की गई है. अधिकारियों ने कहा कि रबी फसलों की खरीद को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य के कई पोर्टलों में कई सुधार किए गए हैं. अब मंडियों में फसल लेकर आने वाले सभी किसानों के लिए अपने वाहन पर साफ-साफ वाहन नंबर दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है. इस साल सभी मंडियों को जियो-फेंसिंग के दायरे में लाया गया है ताकि खरीद प्रक्रिया बेहतर तरीके से मॉनिटर हो सके. साथ ही, मंडी में आने वाले किसानों के लिए सभी गेट पास अब e-खरीद मोबाइल ऐप के जरिए जारी किए जाएंगे.

बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा

इसी तरह, बोली (बिडिंग) के दौरान ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसान या उनके तीन अधिकृत प्रतिनिधियों में से किसी एक का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा. हरियाणा की सभी मंडियों में इसके लिए जरूरी इंतजाम कर दिए गए हैं. अब गेट पास से लेकर खरीद से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं मोबाइल ऐप के माध्यम से ही पूरी की जाएंगी, जिससे सिस्टम और ज्यादा पारदर्शी और आसान बनेगा.

बोरी खरीदने के लिए 470 करोड़ रुपये मंजूर

बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गेहूं खरीद सीजन के दौरान सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के लिए 470 करोड़ रुपये के जूट और अन्य स्टोरेज बैग खरीदने की मंजूरी दी थी. सरकार का मानना है कि इससे खरीद केंद्रों पर अनाज रखने के लिए बोरी की कमी नहीं होगी और मंडियों से समय पर उठान हो सकेगा. पहले कई बार बोरी की कमी के कारण खरीदा गया गेहूं खुले में पड़ा रहता था, जिससे बारिश में नुकसान का खतरा बढ़ जाता था.

470 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी

यह फैसला गुरुवार को हुई एक बैठक में लिया गया, जिसमें रबी सीजन के भंडारण के लिए 550 करोड़ रुपये के बैग खरीदने के दो प्रस्ताव रखे गए थे. लेकिन चर्चा के बाद सरकार ने 80 करोड़ रुपये की बचत करते हुए 470 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी.

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Published: 29 Mar, 2026 | 07:48 AM
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