बेकार नहीं है गोबर! जानिए कैसे बनाएं इससे वर्मी कम्पोस्ट

गोबर अगर सही तरीके से उपयोग किया जाए तो वह "काला सोना" यानी वर्मी कम्पोस्ट बन सकता है, जो खेत की उपज बढ़ाने के साथ-साथ आपकी जेब भी भर सकता है.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 9 May, 2025 | 05:04 PM

गांवों में अधिकतर किसान और पशुपालक रोजमर्रा की जिंदगी में गाय-भैंस पालते हैं. ये पशु सिर्फ दूध ही नहीं देते, बल्कि उनके गोबर और पेशाब से भी कई फायदे लिए जा सकते हैं. अक्सर देखा जाता है कि गोबर को बस यूं ही खेतों में फैला दिया जाता है या फिर बर्बाद कर दिया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही गोबर अगर सही तरीके से उपयोग किया जाए तो वह “काला सोना” यानी वर्मी कम्पोस्ट बन सकता है, जो खेत की उपज बढ़ाने के साथ-साथ आपकी जेब भी भर सकता है. आइए जानते हैं कि वर्मी कम्पोस्ट कैसे बनता है, इसकी पहचान कैसे की जाती है, और इससे आप कितनी आमदनी कर सकते हैं.

वर्मी कम्पोस्ट क्या है?

वर्मी कम्पोस्ट एक जैविक खाद है, जो गाय-भैंस के पुराने गोबर और केंचुओं की मदद से बनाई जाती है. यह खाद मिट्टी की उर्वरकता बढ़ाने में बेहद फायदेमंद होती है. इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि यह पूरी तरह से प्राकृतिक और रसायनमुक्त होती है.

वर्मी कम्पोस्ट बनाने की आसान विधि

गोबर का चयन: सबसे पहले 10–15 दिन पुराना गोबर लें. नया गोबर नहीं लेना चाहिए क्योंकि उसमें गर्मी होती है, जो केंचुओं को नुकसान पहुंचा सकती है.

गोबर की तैयारी: इस गोबर को 2–3 दिन तक हल्का पानी दें ताकि उसकी गर्मी खत्म हो जाए.

बेड बनाना: जमीन पर प्लास्टिक शीट बिछाएं और उसके ऊपर 4 फीट चौड़ा, 1.5 फीट ऊंचा और 20–24 फीट लंबा एक बेड तैयार करें.

केंचुए छोड़ना: अब इस गोबर के ऊपर अच्छी नस्ल के केंचुए डालें. ये केंचुए ही गोबर को वर्मी कम्पोस्ट में बदलते हैं.

नमी बनाए रखें: बेड को गीली बोरी से ढक दें और ऊपर ड्रिप सिंचाई का पाइप लगा दें. गर्मी में रोज 15 मिनट और सर्दियों में एक दिन छोड़कर पानी दें ताकि नमी बनी रहे.

60 दिन बाद खाद तैयार: करीब दो महीने बाद यह वर्मी कम्पोस्ट तैयार हो जाएगा.

कैसे पहचानें कि खाद बन चुकी है?

जब आप बेड से बोरी हटाएंगे और गोबर पूरी तरह से काले रंग का दिखने लगे, तो समझ लें कि वर्मी कम्पोस्ट तैयार है. हाथ डालकर नीचे तक देखें, अगर नीचे भी गोबर काला और बारीक हो गया है तो खाद पूरी तरह से तैयार है.

केंचुए कैसे अलग करें?

बेड के किनारे 15–20 दिन पुराना गोबर रखें. केंचुए खुद-ब-खुद उस गोबर की तरफ चले जाएंगे. इस तरह पुराने बेड से केंचुए अलग हो जाएंगे और खाद आपको मिल जाएगी.

कितना मुनाफा हो सकता है?

अगर आप 1 ट्रॉली गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाते हैं, तो आपको लगभग ₹9,000 तक की खाद मिल सकती है. इसके अलावा, केंचुओं की संख्या बढ़ जाती है जिन्हें बेचकर आप ₹15,000–₹20,000 तक कमा सकते हैं. लागत सिर्फ ₹2,000 से ₹5,000 के बीच होती है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

ज्ञान का सम्मान क्विज

दूध उत्पादन में कौन सा राज्य सबसे आगे है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
जायद सीजन.
विजेताओं के नाम
रजनीश जाट, नासिराबाद, अजमेर राजस्थान.

लेटेस्ट न्यूज़

Farmer Id Is Mandatory In Up Farmer Id Is Important For Msp Crops Purchased At Msp

यूपी में Farmer ID अनिवार्य, इसके बगैर नहीं मिलेगा MSP का लाभ! पीएम किसान के लिए भी जरूरी

Rajasthan Rain Has Destroyed Crops Like Isabgol Cumin Wheat And Mustard

राजस्थान में बारिश से इसाबगोल, जीरा, गेहूं और मक्का की फसल चौपट, पैदावार में भी गिरावट.. कब मिलेगा मुआवजा ?

Fertilizer Subsidy Approval Union Cabinet Has Approved The Nutrient Based Fertilizer Subsidy Rates For Kharif 2026

किसानों के हित में बड़ा फैसला, खरीफ सीजन में मिलेगी भरपूर खाद.. सरकार ने इन उर्वरकों पर सब्सिडी बढ़ाई

Weather Update Imd Forecast Heat Wave Alert Issued 12 April Weather Update

अब मौसम दिखाएगा अपना असली रूप, भीषण गर्मी और लू का अलर्ट.. 40 डिग्री के पार जाएगा तापमान

12th April 2026 Sunday Agriculture News Live Updates Pm Kisan Yojana Weather Updates Pm Fasal Bima Yojana Krishi Samachar Farmers Schemes Aaj Ki Latest News

LIVE पूरी दुनिया में फिटनेस पर बहुत जोर दिया जा रहा है, पटना में ऐसा आयोजन किया गया- राज्यपाल सैयद अता हुसैन

Female Calf Born From A 10 Year Old Embryo In India At Centre Excellence Animal Husbandry Bengaluru

फ्रीजर से फार्म तक पहुंची जिंदगी, भारत में 10 साल पुराने भ्रूण से जन्मी बछिया.. जेनेटिक सुधार को मिलेगा बूस्ट