भारत में दूध उत्पादन में तेज बढ़ोतरी, किसानों की मेहनत से 12 महीने में 8 लाख टन बढ़ा मिल्क प्रोडक्शन
भारत में दूध उत्पादन लगातार बढ़ रहा है और 2024-25 में यह 2478.7 लाख टन तक पहुंच गया है. डेयरी सेक्टर की मजबूती और पशुपालकों की मेहनत से उत्पादन में वृद्धि हो रही है. इससे दूध की उपलब्धता बढ़ी है और किसानों की आय में सुधार देखने को मिल रहा है.
Milk Production India: दूध के मामले में भारत ने एक बार फिर दुनिया में अपनी बादशाहत साबित कर दी है. BAHS-2025 की रिपोर्ट के अनुसार देश में दूध उत्पादन लगातार बढ़ रहा है. गांवों से लेकर शहरों तक डेयरी का कारोबार मजबूत हो रहा है और किसानों की आय में भी इजाफा देखने को मिल रहा है. साल 2024-25 में भारत का कुल दूध उत्पादन 2478.7 लाख टन पहुंच गया है, जो पिछले साल से ज्यादा है.
पिछले साल से 3.58 फीसदी ज्यादा हुआ उत्पादन
रिसर्च संस्था BAHS की रिपोर्ट के अनुसार साल 2023-24 में देश में 2393.0 लाख टन दूध का उत्पादन हुआ था. वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 2478.7 लाख टन हो गया. यानी एक साल में 3.58 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह बढ़ोतरी बताती है कि देश में डेयरी सेक्टर लगातार आगे बढ़ रहा है. पशुपालक अब बेहतर नस्ल, संतुलित आहार और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. सरकार की योजनाओं और जागरूकता अभियानों का भी इसका बड़ा असर माना जा रहा है.
हर व्यक्ति को पहले से ज्यादा मिल रहा दूध
दूध की उपलब्धता भी तेजी से बढ़ी है. साल 2014-15 में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 319 ग्राम दूध उपलब्ध था. अब 2024-25 में यह बढ़कर 485 ग्राम प्रति दिन हो गया है. इसका मतलब है कि देश में दूध की कमी नहीं है, बल्कि उत्पादन जरूरत से ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है. इससे पोषण स्तर में सुधार हो रहा है और आम लोगों को भी दूध आसानी से मिल पा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती आबादी के बावजूद दूध की उपलब्धता बढ़ना एक बड़ी उपलब्धि है.
देश में रिकॉर्ड दूध उत्पादन, पशुपालकों की आय लगातार बढ़ी.
ये पांच राज्य बना रहे हैं आधे से ज्यादा दूध
रिपोर्ट के अनुसार देश के कुल दूध उत्पादन में पांच राज्यों की बड़ी भूमिका है. उत्तर प्रदेश 15.66 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है. इसके बाद राजस्थान 14.82 प्रतिशत के साथ दूसरे नंबर पर है. मध्य प्रदेश 9.12 प्रतिशत, गुजरात 7.78 प्रतिशत और महाराष्ट्र 6.71 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ प्रमुख दूध उत्पादक राज्यों में शामिल हैं. ये पांचों राज्य मिलकर देश के कुल दूध उत्पादन का 54.09 प्रतिशत हिस्सा देते हैं. इन राज्यों में डेयरी को बड़े पैमाने पर अपनाया गया है और यहां की सहकारी समितियां और डेयरी नेटवर्क मजबूत हैं.
गाय और भैंस दोनों से बढ़ा उत्पादन
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि अलग-अलग नस्लों से दूध उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है. विदेशी या क्रॉसब्रेड गायों से दूध उत्पादन में 4.97 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. वहीं देसी और सामान्य नस्ल की गायों से 3.51 प्रतिशत ज्यादा दूध मिला है. भैंसों से भी दूध उत्पादन में 2.45 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसका मतलब है कि पशुपालक हर स्तर पर उत्पादन बढ़ाने में सफल हो रहे हैं. कुल मिलाकर भारत का डेयरी सेक्टर मजबूत स्थिति में है. बढ़ता उत्पादन, ज्यादा उपलब्धता और किसानों की बढ़ती भागीदारी इस क्षेत्र को और ताकत दे रही है. आने वाले समय में भी दूध उत्पादन में इसी तरह की वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है.