एडवांस बुकिंग स्कीम के नाम पर जाल में फंसाए जा रहे किसान, बीज कालाबाजारी का नया तरीका अपना रहीं कंपनियां

किसान नेता ने कहा कि कंपनी के बीजों में प्राइवेट दुकानदारों व कंपनी की मिलीभगत से किसानों के साथ हो रही लूट को रोकने के लिए इस कंपनी के धान के बीजों की बिक्री सरकारी बीज बिक्री केंद्र व कोऑपरेटिव सोसायटी से करवाई जाए, ताकि उचित दामों पर इच्छुक किसानों को बीज आसानी से मिल सके.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 3 Feb, 2026 | 04:20 PM

निजी बीज कंपनियां एडवांस बुकिंग का लालच देकर किसानों को अपने जाल में फंसा रही हैं. किसानों का आरोप है कि बीजों के कालाबाजारी के लिए निजी कंपनियां नई-नई स्कीम के जरिए किसानों को लूटने की तैयारी कर रही हैं. हरियाणा में सक्रिया किसान संगठन ने कहा है कि निजी बीज कंपनियों के बजाय सहकारी केंद्रों के जरिए बीजों की बिक्री कराई जाए. आरोप है कि बीज कंपनी हाईब्रिड बीज के नाम पर सामान्य बीज बेच रही हैं, इसके लिए सैंपल की जांच कराई जानी चाहिए. इस संबंध में मुख्यमंत्री नायब सैनी को चिट्ठी भेजी गई है.

भारतीय किसान एकता के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि सवाना सीड्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने एडवांस बुकिंग स्कीम देकर फिर से कालाबाजारी की तैयारियां शुरू कर दी हैं. कंपनी की ओर से इस संबंध में सभी डीलर्स को 2 फरवरी 2026 को एडवांस बुकिंग के लिए पत्र (सावा/केएच/2026/पीबी-एचआर-एमएल/एबीएस/01) जारी किया गया है.

किसानों के साथ लूट रोकने के लिए सीएम को भेजा पत्र

किसान नेता ने कहा कि कंपनी के बीजों में प्राइवेट दुकानदारों व कंपनी की मिलीभगत से किसानों के साथ हो रही लूट को रोकने के लिए इस कंपनी के धान के बीजों की बिक्री सरकारी बीज बिक्री केंद्र व कोओप्रेटिव सोसायटी के माध्यम से करवाई जाए, ताकि उचित दामों पर इच्छुक किसानों को बीज आसानी से मिल सके. इसके लिए किसान संगठन बीकेई ने मुख्यमंत्री को रिमांइडर ज्ञापन भी भेजा है.

Lakhwinder Singh Aulakh, Haryana state president of Bharatiya Kisan Ekta

भारतीय किसान एकता के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख

धान की कीमत से 25 गुना महंगे बेचे जा रहे बीज

किसान नेता ने कहा कि इस कंपनी की ओर से हाइब्रिड धान सावा 7501, सावा 7301 आदि बीज की किस्मों पर 600 रुपए प्रति किलो एमआरपी दिया गया है, किसानों से 23.89 रुपए प्रति किलो खरीदा गया धान 25 गुना रेटों में बीज के रूप में किसानों को बेचकर उन्हें लूटा जा रहा है. इतना ही नहीं कंपनी के कई डीलर एमआरपी से भी ऊपर ब्लैक में धान की इन किस्मों को बेचते हैं.

हरियाणा में 180 करोड़ रुपये के बीज बेच गए

उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने पिछले साल हरियाणा में 108 करोड़ रुपए के लगभग 1800 एमटी हाइब्रिड धान का बीज बेचा, लेकिन किसानों की धान की फसल सरकार द्वारा निर्धारित एमएसपी पर भी नहीं बिकती है अगर एमएसपी पर भी बिकी हुई मान ली जाए तो 1800 एमटी धान की कीमत 4 करोड़ 30 लाख बनती है, जोकि कंपनी ने 108 करोड़ में बीज के रूप में बेची.

किसान से लूट रोकने के लिए मॉनिटरिंग कमेटी गठित की जाए

लखविंदर औलख ने कहा कि मांग पत्र के जरिए हरियाणा सरकार से अपील की है कि वह बीज कंपनियों की एमआरपी को लेकर मनमर्जी पर अंकुश लगाए, किसानों के साथ होने वाली लूट व कालाबाजारी को रोकने के लिए बीज कंपनियों की ओर से निर्मित हाइब्रिड धान के बीजों को कोऑपरेटिव सोसाइटी व सरकारी बीज बिक्री केंद्रों पर बेचा जाए. इसके लिए सरकार बीज कंपनियों द्वारा किसानों के साथ की जाने वाली लूट व कालाबाजारी को रोकने के लिए मॉनिटरिंग कमेटी का गठन करे, ताकि भविष्य में ऐसी कंपनियों की लूट से किसानों को बचाया जा सके.

हाइब्रिड के नाम पर सामान्य बीज बेचने का आरोप

किसान नेता लखविंदर औलख ने कंपनी के डीलरों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि आप कालाबाजारी के चक्कर में कंपनी को एडवांस बुकिंग न करवाएं. किसी भी कीमत पर किसानों के साथ लूट नहीं होने देंगे. औलख ने हरियाणा सरकार से अपील की कि उपरोक्त कंपनी द्वारा हाईब्रिड धान की किस्में बताकर बेचे जाने वाले धान के बीज की जांच करवाई जाए. हमें अंदेशा है कि उपरोक्त कंपनी की धान की किस्में हाईब्रिड नहीं है, लेकिन बेचा हाईब्रिड के नाम से जा रहा है. इसके नमूने लेकर जांच करवाई जाए, ताकि हाईब्रिड के नाम पर किसानों से लूट न हो सके.

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Published: 3 Feb, 2026 | 04:18 PM

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