Agriculture News: महाराष्ट्र सरकार ने 2 लाख रुपये तक के कर्ज के लिए स्टांप ड्यूटी माफ कर दी है. वहीं, केंद्रीय उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को कहा कि सरकार संतुलित उर्वरक उपयोग और गैर-कृषि कार्यों में उर्वरकों की डायवर्जन से जुड़े मुद्दों को कई विभागों के साथ मिलकर सुलझाएगी. दिल्ली में आयोजित एक दिवसीय चिंतन शिविर में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा किसानों को शासन के केंद्र में रखा है और नीतियों का मकसद किसानों की जिंदगी आसान बनाना होना चाहिए.
नड्डा ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद विभाग ने किसानों की उर्वरक जरूरतों को पूरा किया है. किसान-हितैषी नीतियों के चलते इस साल रिकॉर्ड उत्पादन हुआ और जरूरत के मुताबिक आयात भी किया गया. वहीं, उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि यह चिंतन सत्र भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए नए विचार देने में मदद करेगा.
सामूहिक सोच से बेहतर नतीजे सामने आएं
चिंतन शिविर के दौरान उर्वरक सचिव रजत कुमार मिश्रा ने कहा कि सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (PSU) और निजी क्षेत्र- सभी ने किसानों को चर्चा के केंद्र में रखा है. उन्होंने बताया कि इस शिविर को इतना संवादात्मक बनाया गया है कि हर विचार पर खुले तौर पर चर्चा हो सके और सामूहिक सोच से बेहतर नतीजे सामने आएं.
15 समूहों ने अहम विषयों पर मंथन किया
राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर में आयोजित इस सत्र में 15 समूहों ने अहम विषयों पर मंथन किया, जिनमें नए जमाने के उर्वरक, उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भरता, किसानों तक पहुंच और जागरूकता, डिजिटल माध्यमों से उर्वरक व्यवस्था को बेहतर बनाना और पोषक तत्व आधारित सब्सिडी शामिल रहे. इस कार्यक्रम में उर्वरक विभाग और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए, ताकि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराए जा सकें और मिट्टी की सेहत बेहतर बनाई जा सके.
2 लाख रुपये तक के कर्ज के लिए स्टांप ड्यूटी माफ कर दी
वहीं, महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को राहत देते हुए कृषि और फसल ऋण से जुड़े दस्तावेजों पर 2 लाख रुपये तक के कर्ज के लिए स्टांप ड्यूटी माफ कर दी है. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यह फैसला किसानों पर पड़ रहे अतिरिक्त वित्तीय बोझ को कम करने और कर्ज प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए लिया गया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व कानूनों और नियमों को सरल और जनहितैषी बनाया जा रहा है. इस संबंध में राजस्व और वन विभाग ने 1 जनवरी को सरकारी राजपत्र (गजट) अधिसूचना जारी की है और उसी दिन से यह छूट लागू हो गई है.