यूपी में सीड कारोबार को मिलेगा नया ठिकाना, लखनऊ से शुरू होगा बीज उत्पादन का बड़ा सफर

उत्तर प्रदेश सरकार बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ में मेगा सीड पार्क बना रही है. इस योजना से किसानों और निवेशकों को एक ही जगह आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी. ई-ऑक्शन के जरिए प्लॉट दिए जाएंगे और उद्योग लगाने पर अनुदान व छूट का लाभ मिलेगा.

नोएडा | Published: 20 Dec, 2025 | 12:34 PM

Uttar Pradesh Scheme : सोचिए अगर बीज बनाने, संभालने और बेचने के लिए एक ही जगह पर सारी सुविधाएं मिल जाएं, तो किसानों और कारोबारियों की कितनी परेशानी कम हो जाएगी. उत्तर प्रदेश सरकार ने इसी सोच के साथ राज्य में सीड कारोबार को नई दिशा देने का फैसला किया है. योगी सरकार (Yogi Government) ने प्रदेश को बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए पांच सीड पार्क बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इसकी शुरुआत लखनऊ से होने जा रही है, जहां आधुनिक सुविधाओं से लैस मेगा सीड पार्क विकसित किया जाएगा.

प्रदेश में बनेंगे पांच सीड पार्क, लखनऊ से होगी शुरुआत

सरकारी जानकारी के अनुसार, प्रदेश का पहला सीड पार्क  लखनऊ जिले के अटारी क्षेत्र में राजकीय कृषि प्रक्षेत्र की 130.63 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा. इस पर करीब 266.70 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इस सीड पार्क को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के नाम पर स्थापित किया जाएगा. योजना के तहत आगे चलकर प्रदेश के पांच अलग-अलग कृषि जलवायु क्षेत्रों-पश्चिमी, तराई, मध्य, बुंदेलखंड और पूर्वी जोन में भी सीड पार्क बनाए जाएंगे, ताकि हर इलाके की फसलों के हिसाब से बीज तैयार किए  जा सकें.

बीज कारोबार करने वालों के लिए सुनहरा मौका

बीज के कारोबार से जुड़े उद्यमियों और कंपनियों के लिए यह योजना किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं है. अगर कोई सीड प्रोसेसिंग, बीज भंडारण या बीज उत्पादन  से जुड़ा व्यवसाय शुरू करना चाहता है, तो सरकार उसे जमीन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी. लखनऊ के अटारी में बनने वाले सीड पार्क में प्लॉट ई-ऑक्शन के जरिए लीज पर दिए जाएंगे. इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और सही निवेशकों को मौका मिलेगा. सरकार का मकसद है कि निजी निवेश बढ़े और बीज उत्पादन का काम बड़े स्तर पर हो.

निवेशकों को मिलेंगी छूट और आर्थिक मदद

सीड पार्क में प्लॉट लेने वालों को कई तरह की राहत दी जाएगी. योजना के मुताबिक, बीज से जुड़ा उद्योग लगाने पर स्टांप ड्यूटी पूरी तरह माफ होगी. इसके अलावा, बीज प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर मशीनरी, प्लांट, कोल्ड स्टोरेज और तकनीकी निर्माण  पर हुए खर्च का 35 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 75 करोड़ रुपये रखी गई है. इतना ही नहीं, उद्योगों को 10 साल तक बिजली शुल्क में छूट भी दी जाएगी, जिससे शुरुआती खर्च काफी कम हो जाएगा.

हाईटेक सुविधाओं से मजबूत होगा बीज उत्पादन

इस सीड पार्क में सिर्फ जमीन ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक  की सुविधाएं भी दी जाएंगी. यहां स्पीड ब्रीडिंग यूनिट, हाइब्रिड लैब और सीड टेस्टिंग लैब बनाई जाएंगी, जिससे बीज की गुणवत्ता बेहतर होगी. इन सुविधाओं के लिए सरकार 50 प्रतिशत तक अनुदान देगी, जिसकी अधिकतम सीमा 25 करोड़ रुपये तय की गई है. इससे यूपी में तैयार होने वाले बीज देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहचान बना सकेंगे.

आवेदन कौन कर सकता है और क्या है पूरा शेड्यूल

इस योजना के लिए प्रोप्राइटर, पार्टनरशिप फर्म, प्राइवेट या पब्लिक लिमिटेड कंपनी, सहकारी संस्था या सोसायटी आवेदन कर सकती है. शर्त यह है कि आवेदक के पास बीज उत्पादन  और मार्केटिंग का कम से कम दो साल का अनुभव हो. रजिस्ट्रेशन की शुरुआत (https://upsida.project247.in/ ) 23  दिसंबर 2025 से होगी. कैटलॉग फीस, प्रोसेसिंग फीस और ईएमडी जमा करने की अंतिम तारीख 25 जनवरी 2026 है. ऑनलाइन आवेदन 27 जनवरी 2026 तक किया जा सकेगा, जबकि ई-ऑक्शन 4 फरवरी 2026 को आयोजित होगा.

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