खरीफ फसलों पर करें नैनो यूरिया का इस्तेमाल, 15 फीसदी ज्यादा होगी पैदावार

नैनो यूरिया के इस्तेमाल से फसलों की वृद्धि में 8 से 15 फीसदी की बढ़त हो सकती है. वहीं यह उर्वरक पौधों की हरियाली और दाने भरने की क्षमता को भी बढ़ाता है. इसके इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरक क्षमता लंबे समय तक बनी रहती है.

अनामिका अस्थाना
नोएडा | Published: 25 May, 2025 | 08:30 AM

किसी भी फसल के उत्पादन के लिए बेहद जरूरी है कि उसे सही पोषण दिया जाए ताकि पौधों की अच्छी ग्रोथ हो सके. खरीफ सीदन की शुरुआत हो चुकी है. खेतों में किसान खरीफ सीजन की फसलों का बुवाई शुरु कर चुके हैं. ऐसे में किसान अपनी फसलों के अच्छे विकास और ज्यादा पैदावार के लिए इफको के उर्वरक नैनो यूरिया का इस्तेमाल कर सकते हैं. खबर में आगे बात करेंगे कि खरीफ फसलों पर कैसे नैनो यूरिया का इस्तेमाल करें और क्या हैं इसके फायदे.

ऐसे करें नैनो यूरिया का इस्तेमाल

फसलों पर नैनो यूरिया के इस्तेमाल के लिए किसान 500 मिली नैनो यूरिया को 200 लीटर पानी में मिलाएं. इसके बाद फसलों पर छिड़काव के लिए साफ पंप का इस्तेमाल करें. किसानों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि उर्वरक का छिड़काव पौधों की जड़ों पर नहीं बल्कि पत्तियों पर इसका छिड़काव करें. गर्मी के मौसम में फसलों पर नैनौ यूरिया का छिड़काव सुबह या शाम के समय ही करें. अगर बारिश होने की आशंका हो तो फसलों पर उर्वरक का छिड़काव न करें.

10 फीसदी ज्यादा होती है पैदावार

नैनो यूरिया के इस्तेमाल से फसलों की वृद्धि में 8 से 15 फीसदी की बढ़त हो सकती है. वहीं यह उर्वरक पौधों की हरियाली और दाने भरने की क्षमता को भी बढ़ाता है. इसके इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरक क्षमता लंबे समय तक बनी रहती है. बता दें कि इफको नैनो यूरिया की 500 मिली की बोतल में 45 किलो यूरिया जितनी क्षमता होती है. फसलों पर नैनौ यूरिया का छिड़काव करने के बाद इसका असर लंबे समय तक बना रहता है और साथ ही मिट्टी की क्वालिटी में भी सुधार आता है.

इन फसलों पर करें नैनौ यूरिया का इस्तेमाल

खरीफ सीजनों की कई प्रमुख फसलों पर इफको नैनौ यूरिया का इस्तेमाल कर सकते हैं. इनमें धान, मक्का, बाजरा, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर , उड़द, मूंग, तिल, कपास, सब्जियां आदि शामिल हैं. खरीफ फसलों की बुवाई के 30 दिन बाद इफको नैनौ यूरिया का छिड़काव करना चाहिए. किसान चाहें तो नजदीकी इफको बाजार केंद्र से इसे खरीद सकते हैं. इसके इस्तेमाल से पत्तेदार फसलों की पत्तियां अच्छे फैलाव के साथ बढ़ती हैं. यह फसलों को वातावरण के अनुकूल बढ़ने में मदद करता है.

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Published: 25 May, 2025 | 08:30 AM

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