MP Land Acquisition Compensation: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए अगर किसानों की कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जाता है, तो उन्हें जमीन के बदले चार गुना मुआवजा दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने यह बात भोपाल की करोंद कृषि उपज मंडी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कही. सरकार का कहना है कि किसानों की जमीन और उनके हितों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है. इसके साथ ही किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कर्ज और दूसरी योजनाओं का लाभ देने पर भी जोर दिया जा रहा है.
जमीन अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकारी योजनाओं, सड़क, सिंचाई या दूसरे जरूरी निर्माण कार्यों के लिए अगर किसी किसान की कृषि भूमि लेनी पड़ती है, तो उसे उचित मुआवजा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसानों को जमीन के बदले चार गुना मुआवजा देने की व्यवस्था पर सरकार काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने किसानों से अपनी जमीन को संभालकर रखने की अपील भी की. उन्होंने कहा कि जमीन किसानों की आजीविका का सबसे बड़ा आधार है, इसलिए इसे जल्दबाजी में बेचने से बचना चाहिए.
‘धरती हमारी मां के समान’
बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री ने किसानों की जमीन को लेकर भावनात्मक बात भी कही. उन्होंने कहा कि धरती किसानों का पालन-पोषण करती है और उनके लिए मां के समान है. ऐसे में किसानों को अपनी जमीन की अहमियत समझनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. अगर किसी सरकारी परियोजना के लिए जमीन लेना जरूरी हुआ, तो किसान को उसकी जमीन का उचित मूल्य और तय मुआवजा दिया जाएगा.
किसानों की मेहनत को बताया सम्मान के लायक
मुख्यमंत्री ने किसानों की मेहनत की तारीफ करते हुए कहा कि खेतों में पैदा होने वाला अनाज पूरे समाज के लिए बेहद जरूरी है. किसानों के पसीने और मेहनत से देश का खाद्य भंडार मजबूत होता है. उन्होंने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव किसानों की मेहनत और खेती में उनके योगदान को सम्मान देने का एक माध्यम है. सरकार का उद्देश्य भी यही है कि किसानों को खेती से बेहतर कमाई मिले और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो.
‘कवच’ योजना से किसानों को आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए शुरू की गई ‘कवच’ योजना का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि इस योजना के जरिए किसानों को आर्थिक मुश्किलों से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है. सरकार के अनुसार, सहकारी खातों से जुड़ी पुरानी गड़बड़ियों को दूर करने के बाद करीब 5 हजार किसानों को ऋण और अलग-अलग सरकारी योजनाओं का फायदा दिलाया गया है. इससे उन किसानों को राहत मिली है, जो पहले रिकॉर्ड या दूसरी दिक्कतों के कारण योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे.
बिना ब्याज कर्ज और 12 महीने में चुकाने की सुविधा
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को बिना ब्याज के लोन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है. खास बात यह है कि किसानों को कर्ज चुकाने के लिए 12 महीने का समय दिया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे किसानों पर तुरंत कर्ज चुकाने का दबाव कम होगा. किसान इस रकम का इस्तेमाल खेती के लिए बीज, खाद, कृषि यंत्र और दूसरी जरूरी चीजों पर कर सकेंगे.
किसानों से सीधे संवाद पर भी जोर
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली. उन्होंने सरकार की योजनाओं से किसानों को मिल रहे लाभ की भी जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करना और खेती को ज्यादा लाभकारी बनाना है. जमीन अधिग्रहण पर बेहतर मुआवजा, आसान कर्ज और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाकर सरकार खेती और किसान दोनों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है.