महाराष्ट्र में किसानों का बड़ा आंदोलन, कर्जमाफी समेत कई मुद्दों पर एकजुटता का ऐलान  

नेता हर्षवर्धन सकपाल ने कहा कि राज्य में मौजूदा कृषि हालात खराब हैं और किसान परेशान हैं. फसलों की सही कीमत न मिलना और बढ़ती महंगाई ने खेती को लगातार मुश्किल बना दिया है. इसके चलते किसान कर्ज में डूब रहे हैं और महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या के मामले भी बढ़े हैं. किसानों का कर्जमाफ करने का वादा भी पूरा नहीं किया गया है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 3 May, 2026 | 06:07 PM

महाराष्ट्र में किसानों के हितों की अनदेखी किए जाने के विरोध में किसान कांग्रेस ने 4 मई को आंदोलन का ऐलान किया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार किसानों को फसलों का दाम नहीं दे पा रही है. किसानों को दाम नहीं मिलने से वे कर्ज के बोझ में दबे जा रहे हैं और आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं. कहा गया है कि सरकार ने कर्जमाफी का वादा किया और कई बार मंच से भाषण देकर किसानों को धोखा दिया गया है.

किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ 4 मई को विरोध मार्च

महाराष्ट्र में कांग्रेस ने किसानों की मांगों के लिए विरोध में बुलढाणा में मार्च निकालने की घोषणा की है. कहा गया है कि किसान कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान और मजदूर 4 मई को महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में BJP सरकार की “किसान-विरोधी” नीतियों के खिलाफ विरोध मार्च निकालेंगे. बयान में कहा गया है कि इस मार्च की अगुवाई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल करेंगे. पार्टी ने रविवार को एक प्रेस रिलीज में बताया कि इसमें कांग्रेस नेता, पार्टी कार्यकर्ता और किसान हिस्सा लेंगे.

12 साल में किसान सबसे ज्यादा तकलीफ से गुजर रहे

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र और महाराष्ट्र में BJP के शासन के पिछले 12 सालों में किसानों को बहुत ज्यादा तकलीफ उठानी पड़ी है. कांग्रेस पार्टी 4 मई को महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में सत्ताधारी BJP की उन नीतियों के खिलाफ विरोध मार्च निकालने जा रही है. कांग्रेस का दावा है कि राज्य की नीतियां किसान समुदाय को नुकसान पहुंचा रही हैं.

राज्य में किसान आत्महत्या के मामलों ने बढ़ाई चिंता

कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सकपाल ने बयान में कहा कि राज्य में मौजूदा कृषि हालात खराब हैं और किसान परेशान हैं. उन्होंने कहा कि फसलों की सही कीमत न मिलना और बढ़ती महंगाई ने खेती को लगातार मुश्किल बना दिया है. इसके चलते किसान कर्ज में डूब रहे हैं और महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या के मामले भी बढ़े हैं. आत्महत्या रेट ऊंचा होने पर उन्होंने चिंता जताई है. राज्य सरकार ने किसानों का कर्जमाफ करने का वादा किया था, लेकिन अब तक धरातल पर इसे अमल में नहीं लाया जा सका है.

इन उपायों को लागू करे राज्य सरकार

बयान में कहा गया है कि कांग्रेस कुछ अहम उपायों की मांग कर रही है, जिनमें किसानों का पूरा कर्ज माफ करना, फसलों की सही कीमत तय करना और अतिरिक्त आर्थिक मदद देना शामिल है. इसके साथ ही खेती में इस्तेमाल होने वाली चीजों पर से GST हटाने और कृषि से जुड़े बुनियादी ढांचे में सुधार की भी मांग भी कर रहे हैं. कहा गया है कि इन सुधारों में फसलों को प्रोसेस करने वाली इंडस्ट्री लगाना शामिल है.

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