महाराष्ट्र में प्याज की कीमतों को लेकर फिर बढ़ा विवाद, किसान बोले- सरकार ने हमें घाटे में धकेला

केंद्र सरकार द्वारा प्याज खरीद के लिए तय की गई 1235 रुपये प्रति क्विंटल की दर को किसानों ने बेहद कम और नुकसानदायक बताया है. किसानों का कहना है कि इतनी कम कीमत पर प्याज बेचने से लागत भी नहीं निकल पाएगी. इसी वजह से किसान संगठनों ने सरकार के फैसले का जोरदार विरोध शुरू कर दिया है.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 16 May, 2026 | 09:37 AM

Maharashtra onion farmers: महाराष्ट्र में प्याज किसानों का गुस्सा एक बार फिर खुलकर सामने आया है. केंद्र सरकार द्वारा प्याज खरीद के लिए तय की गई 1235 रुपये प्रति क्विंटल की दर को किसानों ने बेहद कम और नुकसानदायक बताया है. किसानों का कहना है कि इतनी कम कीमत पर प्याज बेचने से लागत भी नहीं निकल पाएगी. इसी वजह से किसान संगठनों ने सरकार के फैसले का जोरदार विरोध शुरू कर दिया है.

TOI की खबर के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने इस फैसले को किसान विरोधी बताते हुए सरकार से खरीद दर बढ़ाकर कम से कम 3000 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है. इसके साथ ही पिछले कई महीनों में कम दाम पर प्याज बेच चुके किसानों को 1500 रुपये प्रति क्विंटल मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई है.

दरअसल केंद्र सरकार हर साल मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत प्याज की खरीद करती है ताकि जरूरत पड़ने पर बाजार में स्टॉक उपलब्ध कराया जा सके. इस बार यह खरीद भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ के जरिए की जाएगी. लेकिन किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा घोषित दर मौजूदा हालात में किसी भी तरह से राहत देने वाली नहीं है.

किसानों ने कहा- लागत से भी कम है कीमत

प्याज उत्पादक संगठनों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है. बीज, खाद, मजदूरी, सिंचाई और परिवहन पर किसानों का खर्च काफी बढ़ चुका है. ऐसे में 1235 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर प्याज बेचना घाटे का सौदा साबित होगा.

किसानों के अनुसार इस समय प्याज उत्पादन की औसत लागत करीब 1800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच चुकी है. यानी सरकार जो कीमत दे रही है, वह लागत से भी काफी कम है. किसानों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो आने वाले समय में कई किसान प्याज की खेती छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं.

किसान नेताओं ने सरकार को घेरा

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के संस्थापक अध्यक्ष भारत दिघोले ने सरकार के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह राहत नहीं बल्कि किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है. उनका कहना है कि सरकार को किसानों की मुश्किलों को समझना चाहिए. उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2023 में जब प्याज के दाम अचानक गिर गए थे, तब तत्कालीन उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने करीब 2410 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद का संकेत दिया था. लेकिन अब सरकार ने उससे आधे से भी कम कीमत तय कर दी है. किसान संगठनों का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह विरोधाभासी है.

पिछले वर्षों में ज्यादा रही थी खरीद कीमत

अगर पिछले वर्षों के आंकड़ों को देखें तो इस बार तय की गई खरीद दर सबसे कम मानी जा रही है. वर्ष 2025 में प्याज की खरीद 1500 से 1634 रुपये प्रति क्विंटल के बीच हुई थी. वहीं वर्ष 2024 में औसत खरीद दर करीब 2800 रुपये प्रति क्विंटल रही थी. किसानों का कहना है कि जब खेती की लागत लगातार बढ़ रही है तो खरीद दर घटाना समझ से बाहर है. इससे किसानों की आर्थिक हालत और खराब हो सकती है.

इस साल खरीद लक्ष्य भी घटाया गया

सरकार ने इस साल प्याज खरीद का लक्ष्य भी कम कर दिया है. पिछले साल जहां करीब 3 लाख टन प्याज खरीदा गया था, वहीं इस बार लक्ष्य घटाकर 2 लाख टन कर दिया गया है. यह खरीद भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ के बीच बराबर बांटी जाएगी.

किसान संगठनों का कहना है कि खरीद लक्ष्य कम होने से बड़ी संख्या में किसानों को सरकारी खरीद का फायदा नहीं मिल पाएगा. ऐसे में उन्हें मजबूरी में खुले बाजार में कम कीमत पर प्याज बेचना पड़ेगा.

लासलगांव मंडी में भी दाम कमजोर

देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी मानी जाने वाली लासलगांव कृषि उपज मंडी में भी प्याज के दाम किसानों को राहत नहीं दे पा रहे हैं. शुक्रवार को यहां प्याज का औसत थोक भाव करीब 1150 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. मंडी में प्याज की कीमत 500 रुपये से लेकर 1600 रुपये प्रति क्विंटल तक रही. इस दौरान करीब 11 हजार 962 क्विंटल प्याज की खरीद-बिक्री हुई. किसानों का कहना है कि इतने कम दाम में खेती का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है.

सरकार से बड़ी उम्मीद लगाए बैठे किसान

महाराष्ट्र के हजारों किसान इस समय सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं. किसानों का कहना है कि अगर समय रहते खरीद दर नहीं बढ़ाई गई तो उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

ज्ञान का सम्मान क्विज

मध्य प्रदेश के किस वैरायटी के गेहूं को जीआई टैग मिला है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
धान (चावल)
विजेताओं के नाम
संजीव कुमार, रेवाड़ी, हरियाणा

लेटेस्ट न्यूज़