महाराष्ट्र में प्याज के गिरते-बढ़ते दामों पर सरकार सख्त, बनाएगी हाई लेवल कमेटी और देगी किसानों को तात्कालिक राहत

सरकार को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ व्यापारी किसानों से कम कीमत पर प्याज खरीदकर उसे ऊंचे दामों पर एजेंसियों को बेच रहे हैं. इससे किसानों को नुकसान होता है और बाजार में असंतुलन पैदा होता है. मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 26 Mar, 2026 | 07:43 AM

onion price volatility Maharashtra: महाराष्ट्र में प्याज की कीमतों में हर साल होने वाले उतार-चढ़ाव से किसान लंबे समय से परेशान हैं. कभी दाम बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं, तो कभी इतनी गिरावट आ जाती है कि किसानों को लागत भी नहीं मिल पाती. इसी समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने अब बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्याज के दामों को स्थिर करने और किसानों को राहत देने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की है.

किसानों को तुरंत राहत देने पर जोर

विधान भवन में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अभी सबसे जरूरी है कि संकट झेल रहे किसानों को तुरंत राहत दी जाए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे उपाय सुझाए जाएं, जिससे किसानों को तुरंत आर्थिक मदद मिल सके और उनकी आय स्थिर हो. नई समिति में कृषि, वित्त और विपणन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. यह समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी, ताकि स्थिति को संभालने के लिए तुरंत कदम उठाए जा सकें.

लंबे समय के समाधान पर भी काम

सरकार केवल तात्कालिक राहत तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि इस समस्या का स्थायी समाधान भी ढूंढ रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हर साल प्याज के दामों में आने वाला उतार-चढ़ाव एक बड़ी समस्या है, जिसे खत्म करने के लिए ठोस और लंबे समय की रणनीति बनानी होगी. इस समिति को निर्देश दिया गया है कि वह अगले 2 से 3 महीनों में ऐसा रोडमैप तैयार करे, जिससे भविष्य में किसानों को इस तरह के नुकसान से बचाया जा सके.

उत्पादन बढ़ा, लेकिन बाजार कमजोर

सरकार के अनुसार इस बार प्याज का उत्पादन काफी अच्छा हुआ है, लेकिन बाजार में मांग उतनी मजबूत नहीं है. ऐसे में जब आपूर्ति ज्यादा होती है और मांग कम, तो कीमतें गिर जाती हैं और इसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ता है. इसी वजह से सरकार अब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार दोनों पर ध्यान दे रही है, ताकि किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिल सके.

निर्यात बढ़ाने पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्याज के निर्यात से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए वे केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक करेंगे. उनका मानना है कि अगर निर्यात बढ़ेगा, तो बाजार में संतुलन बनेगा और कीमतों में गिरावट नहीं आएगी. इसके साथ ही व्यापार में हो रही गड़बड़ियों को रोकने पर भी जोर दिया जा रहा है.

बिचौलियों पर सख्ती की तैयारी

सरकार को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ व्यापारी किसानों से कम कीमत पर प्याज खरीदकर उसे ऊंचे दामों पर एजेंसियों को बेच रहे हैं. इससे किसानों को नुकसान होता है और बाजार में असंतुलन पैदा होता है. मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिल सके.

फसल विविधीकरण की दिशा में पहल

सरकार अब उन जिलों में फसल विविधीकरण पर भी ध्यान दे रही है, जहां बड़े पैमाने पर प्याज की खेती होती है, जैसे नासिक, पुणे, अहमदनगर और सोलापुर. इसके तहत किसानों को अन्य लाभकारी फसलों की ओर भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे सिर्फ एक ही फसल पर निर्भर न रहें और नुकसान का जोखिम कम हो.

किसानों को बेहतर विकल्प देने की योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले 2-3 वर्षों में किसानों को धीरे-धीरे ऐसी फसलों की ओर ले जाया जाएगा, जिनसे ज्यादा मुनाफा मिल सके. इससे किसानों की आय बढ़ेगी और वे बाजार के उतार-चढ़ाव से कम प्रभावित होंगे.

इस अहम बैठक में कई मंत्री, विधायक, कृषि विशेषज्ञ और अधिकारी मौजूद रहे. सभी ने मिलकर इस समस्या पर चर्चा की और समाधान के सुझाव दिए.

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