Onion Mandi Rate: होली से पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने प्याज किसानों को बहुत बड़ी राहत दी है. उन्होंने प्याज किसानों को नुकासन से उबारने के लिए आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. देवेन्द्र फडणवीस ने कहा है कि राज्य सरकार प्याज किसानों को थोक दामों में भारी गिरावट से हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक मदद देगी. उन्होंने कहा कि हालात की समीक्षा के लिए जल्द ही एक बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें जरूरी कदमों पर फैसला लिया जाएगा.
वहीं, जानकारों का कहना है कि मंत्री छगन भुजबल द्वारा प्याज किसानों के हित में पत्र लिखे जाने के बाद मुख्यमंत्री ने यह फैसला लिया है. दरअसल, नासिक दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि हर साल वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव की वजह से प्याज किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. महायुति सरकार बनने के बाद से संकट के समय किसानों को लगातार सहारा दिया गया है. इस बार भी सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और समय पर राहत देने के लिए जरूरी कदम उठाएगी.
गिरती कीमतों पर तुरंत बैठक बुलाने की मांग
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, छगन भुजबल के अलावा कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन और दादा भुसे ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्याज की लगातार गिरती कीमतों पर तुरंत बैठक बुलाने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि नासिक जिले के किसानों को इससे भारी नुकसान हो रहा है, इसलिए जल्द फैसला जरूरी है. इससे पहले भी तीनों मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से अपील की थी कि तुरंत बैठक कर ऐसे किसानों को राहत दी जाए, जिन्होंने एपीएमसी मंडियों में कम दाम पर अपनी फसल बेची है. उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे किसानों को प्रति क्विंटल 500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए.
साल 2023 में सरकार ने की थी आर्थिक मदद
साल 2023 में थोक दामों में भारी गिरावट आने पर राज्य सरकार ने किसानों को प्रति क्विंटल 350 रुपये की आर्थिक मदद दी थी. लेकिन इस बार हालात और ज्यादा खराब हैं, इसलिए मंत्रियों ने मांग की है कि जिन किसानों ने कम दाम पर प्याज बेची है, उन्हें प्रति क्विंटल 500 रुपये की राहत दी जाए, क्योंकि उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है. इधर, गिरती कीमतों के विरोध में कुछ किसानों ने लासलगांव में पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया. उन्होंने मांग की कि प्याज का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,000 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए और पिछले छह महीनों में कम दाम पर फसल बेचने वाले किसानों को 1,500 रुपये प्रति क्विंटल की सहायता दी जाए. किसानों का कहना है कि एक क्विंटल प्याज उगाने की लागत लगभग 1,800 रुपये आती है और इससे कम कीमत पर बेचने से उन्हें भारी घाटा उठाना पड़ता है.
चांदवड़ एपीएमसी मंडी में 100 रुपये क्विंटल हुआ प्याज
बता दें कि महाराष्ट्र में प्याज की कीमतें 200 रुपये क्विंटल से भी गिरकर कम हो गई हैं. Agmarknet के आंकड़ों के मुताबिक, 26 फरवरी को महाराष्ट्र के नासिक जिले की चांदवड़ एपीएमसी मंडी में लाल प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया. न्यूनतम भाव 165 रुपये प्रति क्विंटल, अधिकतम 1,225 रुपये प्रति क्विंटल और औसत भाव 830 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. वहीं, 25 फरवरी को चांदवड़ एपीएमसी मंडी में लाल प्याज का दाम और कम था. इस दिन न्यूनतम कीमत 100 रुपये प्रति क्विंटल, अधिकतम 1,275 रुपये प्रति क्विंटल और औसत भाव 830 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया था.
एक क्विंटल प्याज उगाने की लागत लगभग 1,800 रुपये
वहीं, बीते दिनों महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भारत दिघोले ने कहा था कि एक क्विंटल प्याज उगाने की लागत लगभग 1,800 रुपये आती है. ऐसे में जब बाजार भाव 1,000 रुपये या उससे कम हो जाता है, तो किसान अपनी लागत भी नहीं निकाल पाते. मंडी तक प्याज लाना भी घाटे का सौदा बन जाता है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों को बचाने के लिए कम से कम 500 रुपये प्रति क्विंटल की तुरंत सब्सिडी दी जाए.