Open Edible Oil Ban: महाराष्ट्र में खाने के तेल में मिलावट और नियमों की अनदेखी करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी. महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंडे ने पूरे राज्य में खुले खाने के तेल की बिक्री पर रोक लगा दी है. नए नियमों के तहत मिलावट, गलत लेबलिंग, दोबारा पैकिंग और इस्तेमाल किए गए तेल की बिक्री पर कार्रवाई की जाएगी. गंभीर मामलों में 7 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?
एफडीए की जांच में सामने आया कि राज्य में बड़े पैमाने पर खुला खाने का तेल बेचा जा रहा था, लेकिन उसके स्रोत का कोई रिकॉर्ड नहीं था. कई जगह सस्ते तेल मिलाकर सरसों का तेल बेचा जा रहा था, जबकि होटलों और दुकानों में इस्तेमाल किए गए तेल को बार-बार गर्म करके दोबारा उपयोग किया जा रहा था. तुकाराम मुंडे ने कहा कि खाने के तेल की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह हर परिवार की रोजमर्रा की थाली से जुड़ा विषय है. उन्होंने लोगों से केवल सीलबंद और लेबल वाला पैकेट तेल खरीदने की अपील की.
पूरी सप्लाई चेन पर लागू होंगे नए नियम
यह आदेश केवल किराना दुकानों पर नहीं, बल्कि खाने के तेल की पूरी सप्लाई चेन पर लागू होगा. फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत तेल निकालने वाली यूनिट, पैकिंग कंपनियां, थोक व्यापारी, ऑनलाइन विक्रेता और रिटेलर्स सभी को इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा.
एफडीए की जांच में बिना वैध लाइसेंस कारोबार, सस्ते तेल की मिलावट, सरसों तेल की अवैध ब्लेंडिंग, एक्सपायरी के करीब तेल की दोबारा पैकिंग, गलत लेबल लगाकर नकली स्रोत दिखाने और नॉन-फूड ग्रेड कंटेनरों के इस्तेमाल जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. एफडीए ने स्पष्ट किया है कि मिनरल ऑयल, पेंट या केमिकल वाले पुराने डिब्बों में खाने का तेल भरना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
बार-बार गर्म किया तेल बन सकता है जहर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुंडे ने इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल पर भी गंभीर चेतावनी दी. उन्होंने बताया कि एक ही तेल को बार-बार गर्म करने से टोटल पोलर कंपाउंड्स (TPC), ट्रांस फैट और एल्डिहाइड जैसे हानिकारक तत्व बनते हैं.
इनसे होने वाले खतरे:-
- खून में फैट और कोलेस्ट्रॉल बढ़ना
- हाई ब्लड प्रेशर
- लिवर और किडनी को नुकसान
- धमनियों में रुकावट
- कैंसर का बढ़ता जोखिम
एफडीए के अनुसार, 25 फीसीद से अधिक TPC वाले तेल का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है. इस्तेमाल किए गए तेल को केवल अधिकृत RUCO कलेक्टर को ही सौंपा जाएगा.
नियम तोड़ने पर जेल और लाखों का जुर्माना
सरकार ने अलग-अलग उल्लंघनों के लिए कड़ी सजा तय की है. गंभीर मामलों में दोषी कंपनी के डायरेक्टर, पार्टनर और मैनेजर भी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे.
| उल्लंघन | सजा |
|---|---|
| असुरक्षित भोजन बेचना | 7 साल तक जेल + 10 लाख रुपये जुर्माना |
| घटिया गुणवत्ता का तेल | 5 लाख रुपये तक जुर्माना |
| गलत लेबलिंग | 3 लाख रुपये तक जुर्माना |
| मिलावट की सामग्री रखना | 10 लाख रुपये तक जुर्माना |
| बिना लाइसेंस कारोबार | 10 लाख रुपये तक जुर्माना |
| गुमराह करने वाले विज्ञाप | 10 लाख रुपये तक जुर्माना |
एफडीए ने सभी अधिकारियों को आदेश दिया है कि मिलावट और असुरक्षित तेल के मामलों में तुरंत कार्रवाई करें. वहीं उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि खरीदते समय लेबल, बैच नंबर, पैकिंग तारीख, बेस्ट बिफोर और AGMARK लोगो जरूर जांचें और हमेशा खरीद की रसीद लें. यह कदम राज्य में सुरक्षित खाद्य व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में बड़ा अभियान माना जा रहा है.