केंद्र सरकार ने कहा है कि अल नीनो (El Nino) आने वाले महीनों में और मजबूत हो सकता है. सरकार के मुताबिक, अक्टूबर से दिसंबर 2026 के दौरान अल नीनो के ‘बहुत मजबूत’ (Very Strong) श्रेणी में पहुंचने की संभावना है. राज्यसभा में एक लिखित जवाब में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि अल नीनो की तीव्रता का आकलन प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय मध्य हिस्से में समुद्र की सतह के तापमान में होने वाले बदलाव के आधार पर किया जाता है. इसी आधार पर इसे कमजोर, मध्यम, मजबूत और बहुत मजबूत श्रेणियों में बांटा जाता है.
उन्होंने कहा कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही अनुमान जताया था कि 2026 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान अल नीनो की स्थिति विकसित होगी. जून 2026 में अल नीनो कमजोर स्थिति में था, लेकिन जुलाई में यह मध्यम (Moderate) स्तर तक पहुंच गया है. अब इसके आने वाले महीनों में और तेज होने की संभावना है.
दिसंबर में अल नीनो और होगा मजबूत
केंद्र सरकार ने कहा है कि अक्टूबर से दिसंबर 2026 के दौरान अल नीनो और मजबूत होकर ‘बहुत मजबूत’ (Very Strong) श्रेणी में पहुंच सकता है. हालांकि, इसका भारत के मौसम पर कितना असर पड़ेगा, यह समुद्र और वायुमंडल की बदलती परिस्थितियों पर निर्भर करेगा. अल नीनो इन कई कारकों में से सिर्फ एक है. केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग लगातार अल नीनो और अन्य जलवायु कारकों की निगरानी कर रहा है.
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IMD मौसम पूर्वानुमान और सलाह जारी करता है
उन्होंने कहा कि IMD समय-समय पर मौसमी, मासिक और विस्तारित अवधि (Extended Range) के मौसम पूर्वानुमान और सलाह जारी करता है. ये पूर्वानुमान और मौसम संबंधी सलाह केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और अन्य संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि मौसम से जुड़े संभावित प्रभावों से निपटने की तैयारी पहले से की जा सके.
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) हर दिन अगले सात दिनों के लिए प्रभाव-आधारित (Impact-Based) मौसम पूर्वानुमान और जोखिम-आधारित (Risk-Based) चेतावनियां जारी करता है. उन्होंने कहा कि ये पूर्वानुमान और अलर्ट विभिन्न माध्यमों से केंद्र और राज्य सरकारों, आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाए जाते हैं. इसका उद्देश्य खराब मौसम की स्थिति से पहले तैयारी करना और समय रहते राहत एवं बचाव के उपाय सुनिश्चित करना है.
12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी
इसी बीच खबर है कि देश के कई हिस्सों में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जुलाई के लिए 12 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. उत्तर प्रदेश में अगस्त की शुरुआत से मॉनसून के फिर से रफ्तार पकड़ने का अनुमान है. IMD ने भदोही, देवरिया, जौनपुर, कानपुर देहात, कौशांबी, कुशीनगर, रायबरेली, संत कबीर नगर और सीतापुर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.