मूंग खरीद पर MP में घमासान! अब MSP पर 60 फीसदी मूंग खरीदी जाएगी, क्या थमेगा किसानों का आंदोलन?

MP Farmers Protest: मध्य प्रदेश में मूंग की सरकारी खरीद को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है. सरकार ने खरीद सीमा 25 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी कर दी है और स्लॉट बुकिंग की तारीख 10 अगस्त तक बढ़ाई है, लेकिन किसान संगठन इसे नाकाफी बता रहे हैं.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 30 Jul, 2026 | 07:49 AM

Mung Farmers Protest MP: मध्य प्रदेश में मूंग की सरकारी खरीद को लेकर किसानों और राज्य सरकार के बीच विवाद अभी खत्म होता नजर नहीं आ रहा है. सरकार ने किसानों की मांगों को देखते हुए मूंग खरीद की सीमा 25 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी कर दी है. साथ ही स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख भी 10 अगस्त तक बढ़ा दी गई है. फिलहाल किसान आंदोलन स्थगित कर दिया गया है. हालांकि सरकार के फैसले के बाद भी कई किसान संगठन इससे संतुष्ट नहीं हैं. किसानों का मानना है कि 60 फीसदी खरीद से उनकी पूरी फसल नहीं बिक पाएगी और उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.

आंदोलन फिलहाल रुका, लेकिन किसानों में मतभेद बरकरार

राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष और संयुक्त किसान मोर्चा की कोर कमेटी के सदस्य जितेंद्र भार्गव ने बताया कि, सरकार की ओर से प्रमुख मांगों पर सहमति मिलने के बाद फिलहाल किसान आंदोलन स्थगित कर दिया गया है. तीन दिनों से चल रहा आंदोलन खत्म होने के बाद किसान अपने-अपने घर लौटने लगे हैं. हालांकि, सरकार के प्रस्ताव को लेकर किसानों की राय एक जैसी नहीं है. कुछ किसान 60 प्रतिशत खरीद के फैसले से संतुष्ट हैं, जबकि कई किसान अब भी 100 प्रतिशत MSP पर खरीद की मांग पर अड़े हुए हैं. उनका कहना है कि जब तक उनकी यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक मुद्दा पूरी तरह खत्म नहीं माना जाएगा.

60 फीसदी खरीद से किसानों की चिंता दूर नहीं

भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधि संतोष बटवारे का कहना है कि, सरकार का नया फैसला किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है. उनके मुताबिक, अगर किसी किसान की पूरी उपज का सिर्फ 60 फीसदी ही खरीदा जाएगा, तो बाकी मूंग खुले बाजार में कम दाम पर बेचनी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि कई किसानों के पास 4 से 6.5 क्विंटल तक मूंग बच सकती है, जिसे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर बेचना पड़ेगा. इससे किसानों को प्रति क्विंटल करीब 2,800 रुपये तक का नुकसान हो सकता है.

किसान संगठनों ने सरकार से मांग की थी कि, जिन किसानों की पूरी फसल नहीं खरीदी जा रही है, उन्हें प्रति हेक्टेयर 10,000 से 12,000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाए. लेकिन सरकार ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया.

सरकार के फैसले पर उठे सवाल

प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि, सरकार ने फिलहाल 3 क्विंटल प्रति एकड़ खरीद और ई-टोकन सिस्टम में राहत देकर केवल आंदोलन का दबाव कम करने की कोशिश की है. किसान नेता सुबोध राय का कहना है कि 60 फीसदी खरीद का फैसला स्थायी समाधान नहीं है.

सरकार ने क्या कहा?

राज्य के किसान कल्याण मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने कहा कि सरकार किसानों की परेशानियों को समझते हुए लगातार फैसले ले रही है. उन्होंने बताया कि मूंग खरीद की सीमा बढ़ाने के साथ-साथ स्लॉट बुकिंग की तारीख 10 अगस्त तक बढ़ा दी गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान अपनी उपज बेच सकें. इसके अलावा, ई-टोकन सिस्टम में आ रही दिक्कतों की जांच के लिए सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति भी बनाई है. यह समिति किसानों की शिकायतों की समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर सुधार के सुझाव देगी.

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Published: 30 Jul, 2026 | 07:37 AM

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