राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संबोधन में किसानों का उल्लेख करते हुए उनकी मेहनत और फसलों के उत्पादन के लिए सराहना की. राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे किसान हमारे समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. यह हमारे किसानों की कड़ी मेहनत का ही नतीजा है कि हम कृषि उत्पादों का निर्यात कर पाते हैं. कई किसानों ने सफलता के बहुत ही शानदार उदाहरण पेश किए हैं.
अन्नदाता किसान हमारे समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे अन्नदाता किसान हमारे समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की अहम भूमिका है. मेहनती किसानों की कई पीढ़ियों ने हमारे देश को अनाज के मामले में आत्मनिर्भर बनाया है. यह हमारे किसानों की कड़ी मेहनत का ही नतीजा है कि हम कृषि उत्पादों का निर्यात कर पाते हैं. हमारे किसान लोगों के लिए खाना पैदा करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं. कई किसानों ने सफलता के बहुत ही शानदार उदाहरण पेश किए हैं.
ग्रामीणों-किसानों और वंचित समूहों को अनेक योजनाओं का लाभ दिया जा रहा
राष्ट्रपति ने कहा कि दशकों से गरीबी के साथ जूझ रहे करोड़ों देशवासियों को गरीबी की सीमा-रेखा से ऊपर लाया गया है. समावेशी सोच के साथ ग्रामीणों-किसानों और वंचित वर्गों के कल्याण और विकास के लिए अनेक योजनाओं को कार्यरूप दिया जा रहा है. अंत्योदय की संवेदना को कार्यरूप देने वाली विश्व की सबसे बड़ी योजना ‘पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना’ इस सोच पर आधारित है कि 140 करोड़ से अधिक आबादी वाले हमारे देश में कोई भी भूखा न रहे.
Our farmers toil hard to produce food for the people. pic.twitter.com/2xjbWuwHeZ
— President of India (@rashtrapatibhvn) January 25, 2026
देश की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की अहम भूमिका
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था है. इसमें कृषि क्षेत्र की अहम भूमिका है. विश्व पटल पर अनिश्चितता के बावजूद, भारत में निरंतर आर्थिक विकास हो रहा है. हम निकट भविष्य में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में निवेश करके, हम अपनी आर्थिक संरचना का उच्च स्तर पर पुन:निर्माण कर रहे हैं.
मजदूरों और कारोबार को बढ़ाने के लिए जीएसटी और श्रम सुधार लागू किए
उन्होंने कहा कि स्वाधीनता के बाद देश के आर्थिक एकीकरण के लिए सबसे महत्वपूर्ण निर्णय, GST को लागू करने से, ‘एक राष्ट्र, एक बाज़ार’ की व्यवस्था स्थापित हुई है. GST प्रणाली को और भी प्रभावी बनाने के हाल के निर्णयों से हमारी अर्थव्यवस्था को और अधिक शक्ति मिलेगी. श्रम सुधारों के क्षेत्र में चार श्रम संहिताएं जारी की गई हैं. इनसे हमारे श्रमिकों को लाभ होगा और उद्यमों के विकास में भी तेज़ी आएगी.