सीएम भगवंत मान के विरोध में उतरे किसान.. गांव में घुसने नहीं देने का ऐलान, जानिए क्यों नाराज हैं अन्नदाता

Farmers Protest: पंजाब में किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ किसानों मजदूरों में नाराजगी है. किसान नेताओं ने भगवंत मान की सरकार को सख्त चेतावनी दी कि अगर लोगों के हकों का जवाब नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी के मंत्रियों, विधायकों और पंजाब के मुख्यमंत्री को गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 12 Feb, 2026 | 01:04 PM

Kisan Mazdoor Morcha Punjab Protest: पंजाब में किसान मुख्यमंत्री भगवंत मान से खफा हैं. बीते कई महीनों से क्रमिक रूप से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद भी सुनवाई नहीं होने पर किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में सीएम का घेराव करने का ऐलान किया गया है. जबकि, राज्य सरकार के मंत्रियों, नेताओं को गांवों में घुसने से रोकने का भी आह्वान किया गया है. किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के राज्य नेता सतनाम सिंह पन्नू ने कहा कि राज्य में कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और किसानों मजदूरों को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मनरेगा स्कीम में धांधली की जा रही है और बीज बिल, बिजली संशोधन बिल के साथ ही किसानों को शंभू और खनौरी मोर्चे से चोरी किए गए सामान की बरामदगी नहीं किए जाने से किसान नाराज हैं.

मोगा रैली में सीएम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का ऐलान

किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब ने जारी किए गए बयान में कहा है कि किसान मजदूर मोर्चा ने 16 फरवरी को मोगा रैली में मुख्यमंत्री भगवंत मान के आने पर बड़ा विरोध प्रदर्शन करने और उनसे सवाल जवाब करने का ऐलान किया है. किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के राज्य नेता सतनाम सिंह पन्नू ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और दिल्ली से आए आम आदमी पार्टी के मुख्य नेता 16 फरवरी को किल्ली चाहला (मोगा) में आयोजित की जा रही राज्य स्तरीय रैली में शामिल होने आ रहे हैं. इसमें सीएम का घेराव किया जाएगा और किसानों मजदूरों के हक में सवाल किए जाएंगे.

किसानों के करोड़ों रुपये के सामान की चोरी पर नाराजगी

किसान नेता ने कहा कि किसान मजदूर मोर्चा की ओर से किसान और मजदूर विरोधी नीतियां लागू कर रही सरकार का कड़ा विरोध करेंगे और मुख्यमंत्री से हजारों किसानों, मजदूरों और महिलाएं सवाल करेंगी. यह कार्रवाई पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अनुशासित होगी. किसान नेताओं ने आगे कहा कि भगवंत मान की सरकार ने केंद्र सरकार और केजरीवाल के दबाव में आकर 19 मार्च 2025 को मीटिंग में शामिल हुए किसान नेताओं को धोखे से गिरफ्तार करके शंभू और खनौरी बॉर्डर पर चल रहे पक्का मोर्चों को भगा दिया था और ट्रैक्टर ट्रॉलियों समेत करोड़ों रुपये का सामान तोड़-फोड़ कर चोरी कर लिया था.

बीज और बिजली बिल पास करने का विरोध

भगवंत मान की सरकार ने केंद्र सरकार की कॉर्पोरेट परस्त नीतियों से पूरी तरह सहमत होकर बीज बिल और बिजली संशोधन बिल 2025 पास किया है, राज्य के जमीन के रिकॉर्ड केंद्र को भेजे हैं, शिक्षा नीति लागू की है, पंजाब को पुलिस राज बना दिया है, MGNREGA स्कीम में धांधली की है, और आम लोगों को ड्रग्स और गैंगस्टर के बहाने जेल में डालने, नकली पुलिस एनकाउंटर में मारने और उनके घर तोड़ने का काम कर रही है. इन मुद्दों पर मुख्यमंत्री से सवाल पूछे जाएंगे, यह लोगों का बुनियादी और लोकतांत्रिक अधिकार है.

सुनवाई नहीं हुई तो नेताओं को गांवों में घुसने नहीं देंगे

किसान नेताओं ने भगवंत मान की सरकार को सख्त चेतावनी दी कि अगर लोगों के हकों का जवाब नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी के मंत्रियों, विधायकों और पंजाब के मुख्यमंत्री को गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा. अगर मुख्यमंत्री को 3 करोड़ लोगों का नुमाइंदा कहा जाता है तो उन्हें सवालों के जवाब देने चाहिए. किसान नेताओं ने मांग की कि शंभू खनौरी बॉर्डर पर हुए नुकसान का 3 करोड़ 77 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, बिजली संशोधन, बीज एक्ट, लैंड रिजर्वेशन पंजाब में लागू न किया जाए, केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए जा रहे व्यापार समझौते का पंजाब सरकार विरोध करे और शंभू खनौरी मोर्चा के शहीदों और घायलों को मुआवजा दिया जाए.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 12 Feb, 2026 | 01:00 PM

कच्चे आम का खट्टापन किस कारण होता है?