पंजाब पुलिस के किसानों पर लाठीचार्ज करने के बाद आज 24 मार्च को किसान नेता सरवन सिंह पंढेर और जसविंदर सिंह लोंगोवाल को हिरासत में ले लिया है. पुलिस की इस कार्रवाई से किसानों भड़क गए हैं और गांव-गांव सीएम भगवंत मान और पंजाब सरकार के पुतले जलाने का आह्वान किया है. किसान मजदूर मोर्चा ने पंजाब सरकार की दमनकारी नीति की निंदा करते हुए नेताओं को छोड़ने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं करने पर सरकार बड़े किसान आंदोलन के लिए तैयार रहे. इस बीच अमृतसर में भारी फोस तैनात किया गया है.
सरवन सिंह पंढेर और जसविंदर सिंह लोंगोवाल को हिरासत में लिया
किसान मजदूर मोर्चा ने बयान में कहा कि किसानों के बढ़ते संघर्ष से घबराई आम आदमी पार्टी की सरकार ने आज सुबह लगभग 5:30 बजे एक सुनियोजित साजिश के तहत वरिष्ठ किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और जसविंदर सिंह लोंगोवाल को गिरफ्तार कर लिया. यह कदम सरकार की ताकत नहीं, बल्कि उसके डर को दर्शाता है. अमृतसर में भारी पुलिस बल तैनात कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया गया. निर्दोष किसानों को पीटा गया और घसीटा गया, जिससे सरकार का असली चेहरा उजागर हो गया है.
लाठीचार्ज के दो दिन बाद किसान नेताओं को उठाया
किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ और किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं किए जाने पर 22 मार्च को अमृतसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है, जिससे 12 से ज्यादा किसान बुरी तरह जख्मी हैं. कई के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं तो बड़ी संख्या में किसानों के पीठ, पैर और हाथों में लाठियों की बरतें छपी हुई हैं. अब पुलिस ने दो दिन बाद किसान मजदूर मोर्चा के बड़े नेताओं को हिरासत में लिया है.
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सतनाम सिंह पन्नू के आह्वान पर गांव-गांव में सीएम का पुतला दहन
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सतनाम सिंह पन्नू ने कहा कि भगवंत मान की सरकार ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे किसानों और मजदूरों पर लाठीचार्ज किया और उनके प्रदर्शन को तितर-बितर कर दिया. इसके विरोध में उन्होंने गांव-गांव में भगवंत मान के पुतले जलाने की घोषणा की. किसान नेता ने कहा कि सरवन सिंह पंढेर समेत अन्य नेताओं की गिरफ्तारी सरकार की हताशा को दर्शाती है. लेकिन, किसान उनकी दमनकारी नीतियों के आगे नहीं झुकेंगे.
पंजाब में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा
किसान मजदूर मोर्चा ने कहा कि किसान नेताओं को हिरासत में लेने की यह कार्रवाई सीधे तौर पर संविधान और नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर हमला है. प्रदर्शन करने के अधिकार को पुलिस के जुल्म तले रौंदा जा रहा है और पंजाब में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है. आम आदमी पार्टी की सरकार की दोहरी नीति अब पूरी तरह सामने आ चुकी है. जो लोग कल तक किसानों के हकों के लिए सहानुभूति दिखाते थे, आज वे उनसे भी ज्यादा जालिम बन गए हैं. उनकी पाखंडता अब पंजाब के लोगों के सामने पूरी तरह उजागर हो चुकी है.

किसान नेताओं को हिरासत में लेने के विरोध में किसानों ने सीएम भगवंत मान का पुतला जलाया और नारेबाजी की.
किसान नेताओं की रिहाई नहीं होने पर बड़े संघर्ष की चेतावनी
KMM सरकार को स्पष्ट चेतावनी देता है कि दमन से किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता. हर गिरफ्तारी, हर लाठीचार्ज और हर अत्याचार इस संघर्ष को और मजबूत करेगा. पंजाब के किसान न डरेंगे और न झुकेंगे, वे और अधिक एकजुट होकर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता. यदि पंजाब सरकार गिरफ्तार किए गए किसान नेताओं सहित सभी किसानों को बिना शर्त रिहा नहीं करती, तो पंजाब के लोग आने वाले तीव्र संघर्ष के लिए तैयार रहें.