पंजाब सरकार और किसानों के बीच गतिरोध गहराता जा रहा है. किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ और किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं किए जाने पर अमृतसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है, जिससे 12 से ज्यादा किसान बुरी तरह जख्मी हैं. कई के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं तो बड़ी संख्या मैं किसानों के पीठ, पैर और हाथों में लाठियों की बरतें छपी हुई हैं. वहीं, सैंकड़ों की संख्या में किसानों को हिरासत में लिया गया. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि सरकार की दमनकारी और पुलिस की बर्बरता पूर्ण कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पंजाब सरकार चाहे लाठीचार्ज कर ले या जेल में डाल दे, हम किसानों का हक लेकर रहेंगे.
किसान मजदूर मोर्चा के नेता गुरआमनीत सिंह मांगट ने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि किसानों की मांगों और किसानों से किए गए वादों को पूरा कराने के लिए किसान नेता सरवन सिंह पंढेर, सतनाम सिंह पन्नू समेत अन्य नेताओं के नेतृत्व में कई महीनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है. उन्होंने कहा कि पंजाब सीएम की ओर से किसानों को बातचीत के लिए बुलाया गया और जब प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए चंडीगढ़ पहुंचा तो सीएम भगवंत मान बैठक में नहीं आए. किसान नेता गुरआमनीत सिंह ने कहा कि सीएम ने 5 बार किसानों को बातचीत के लिए बुलाकर बैठक में शामिल नहीं हुए.
डीसी दफ्तर पर धरना प्रदर्शन करने जा रहे किसानों पर लाठीचार्ज
गुरआमनीत सिंह मांगट ने कहा कि पंजाब सीएम और उनके प्रशासन के इस रवैये के विरोध में और किसानों की मांगे पर बात करने के लिए 22 मार्च को हजारों की संख्या में किसान अमृतसर में डीसी दफ्तर परिसर में विरोध प्रदर्शन करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने किसानों को पहले रोक दिया. किसानों ने जब शांतिपूर्वक धरना देने की बात कही तो भी पुलिस अफसर नहीं माने और किसानों से धक्कामुक्की शुरू कर दी. किसान नेता ने कहा कि पुलिस ने किसानों पर लाठियां चलानी शुरू कर दीं.
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पुलिस की कार्रवाई में किसानों के सिर-नाक फटे, कई बुरी तरह जख्मी
किसान मजदूर मोर्चा के किसान नेता ने कहा कि पंजाब पुलिस के किसानों पर लाठीचार्ज से 12 से ज्यादा किसान बुरी तरह जख्मी हो गए और कई किसानों के सिर, नाक और कान फट गए. वहीं, सैकड़ों की संख्या में किसानों की पीठ, पैर और हाथ में लाठियों के गहरे घाव देखे जा सकते हैं. गुरआमनीत सिंह मांगट ने कहा कि इतना ही नहीं पुलिस ने सैकड़ों की संख्या में किसानों को हिरासत में ले लिया. पुलिसिया ज्यादती जब अन्य किसानों को पता चली तो बड़ी संख्या में किसान अमृतसर में जुटने लगे. बाद में पुलिस ने हिरासत में लिए गए किसानों को छोड़ दिया.

पुलिस कार्रवाई में बुरी तरह जख्मी किसान.
अमृतसर के कई हिस्सों में जुटे हजारों किसानों का धरना
किसान नेता ने कहा कि अमृतसर में आज भी किसान धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. अमृतसर शहर को पुलिस ने सील कर रखा है तो किसान अलग-अलग हिस्सों में हजारों की संख्या में धरना दे रहे हैं और अपने हक की मांग की जा रही है. उन्होंने कहा कि पंजाब के सीएम अपने वादे और बात से पलट जाते हैं. ऐसे में किसान संगठनों पर भरोसा सीएम से उठता जा रहा है. उन्होंने कहा कि पहले तो उन्होंने किसानों की मांगें पूरी करने का वादा किया है और फिर मुकर गए. किसान नेताओं ने जब आंदोलन की चेतावनी दी तो बैठक करने के लिए बुलाया और खुद आए नहीं. ऐसा सीएम भगवंत मान 5 बार कर चुके हैं. किसान नेता ने कहा कि किसानों के साथ यह रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

पुलिस किसानों के बीच झड़प हुई.
एसीपी ने खुद ट्रैक्टर में पैर फंसाया और किसानों पर आरोप लगाया- सरवन सिंह पंढेर
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने अमृतसर शहर को चारों तरफ से सील कर दिया और किसानों, मजदूरों को अमृतसर में DC दफ्तर तक पहुंचने से रोकने के लिए लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया है. पंढेर ने कहा कि अमृतसर के ACP सुदर्शन सिंह ने किसानों को फंसाने के लिए खुद ट्रैक्टर में अपना पैर फंसा दिया और आरोप लगाया कि किसानों ने उन पर हमला किया है. उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस प्रशासन देश के किसानों और मजदूरों के खिलाफ नकारात्मक छवि बनाना चाहते है. सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि राम तीर्थ रोड, रामती बाईपास और माला गांव में हजारों किसान एकजुट हुए हैं और विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है.
सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि किसानों के साथ यह राज्य सरकार का दमनकारी और अफसरों की बर्बरता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों का उसे देना ही होगा.