राजस्थान के किसानों की बड़ी जीत हुई है. फसली ऋणों भुगतान को लेकर समयसीमा बढ़ाने की किसानों की मांग को राजस्थान सरकार के सहकारिता विभाग ने मान लिया है. विभाग के फैसले से किसानों को भुगतान के लिए 45 दिनों का समय और मिल गया है. बता दें कि बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचने और मंडी में खरीद में देरी के चलते किसानों ने कर्ज लौटाने की समयसीमा को बढ़ाने की मांग सरकार से की थी. भारतीय किसान संघ ने इस संबंध में राज्य सरकार को चिट्ठी सौंपी थी और हजारों की संख्या में किसानों ने धरना प्रदर्शन भी किया था. बता दें राज्य सरकार की ओर से साल 2024 में 2.91 लाख किसानों को फसल लोन वितरित किए गए थे.
राजस्थान सरकार के सहकारिता विभाग ने खरीफ 2025 के दौरान वितरित किए गए अल्पकालीन फसली ऋणों के पुनर्भुगतान (Repayment) की समय सीमा को बढ़ा दिया है. अब किसान अपने ऋण की अदायगी 15 मई 2026 तक कर सकेंगे. इससे पहले यह अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित थी. किसानों बेमौसम बारिश के चलते फसल नुकसान के बीच राशि जुटाने में मुश्किल हो रही थी. इस पर अब सरकार के फैसले से लाखों किसानों को राहत मिली है.
संयुक्त सचिव की ओर से जारी हुए आदेश पत्र
राजस्थान सरकार के संयुक्त शासन सचिव प्रहलाद सहाय नागा की ओर से जारी आदेश के अनुसार इस विस्तार के लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तें लागू की गई हैं जिसमें 31 मार्च 2026 तक की ब्याज अनुदान राशि का समायोजन वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधानों से किया जाएगा. वहीं, विस्तारित अवधि (1 अप्रैल से 15 मई 2026) के ब्याज अनुदान का समायोजन आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के बजट से होगा.

संयुक्त सचिव की ओर से जारी हुआ आदेश पत्र.
समयसीमा बढ़ने से किसानों को राशि जुटाने में आसानी होगी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि नाबार्ड (NABARD) की ओर से जारी दिशानिर्देशों का पूर्ण पालन किया जाए, ताकि पुनर्वित्त (Refinance) पाने में कोई तकनीकी बाधा न आए. यह आदेश उन सभी किसानों के लिए बड़ी राहत है जिन्होंने खरीफ सीजन 2025 के लिए सहकारी बैंकों से अल्पकालीन फसल लोन लिया था. समय सीमा बढ़ने से किसानों को फसल बेचने और राशि का प्रबंधन करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा.
भारतीय किसान संघ ने सरकार को भेजे थे कई ज्ञापन
राजस्थान में सक्रिय किसानों के बड़े संगठन भारतीय किसान संघ ने कहा है कि उसने इस मुद्दे पर सरकार को कुछ दिन पहले चिट्ठी भेजी थी और लगातार सरकार से सवाल पूछे जा रहे थे, जिसके बाद सरकार ने किसानों के हित में फैसला किया है. किसान संघ ने कहा कि इस फैसले से राज्य के लाखों किसानों को राहत मिली है.
2.19 लाख किसानों को चुकाना है फसल लोन
राजस्थान में 2024-25 के दौरान 35 लाख से अधिक किसानों को लगभग 25,000 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त अल्पावधि फसली ऋण (Crop Loans) वितरित करने का लक्ष्य रखा गया था. 2024 के खरीफ सीजन में ही 2.19 लाख से अधिक किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से ऋण का वितरण किया गया था. ऐसे में 2.19 लाख किसानों को राहत मिलेगी.