उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर गेहूं खरीद केंद्र शुरू नहीं होने को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. गेहूं खरीद में अव्यवस्थाओं और खरीद केंद्र शुरू नहींं होने पर भारतीय किसान यूनियन ने सीएम योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी भेजी है. इसमें कहा गया है कि किसानों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. कई केंद्रों पर गेहूं खरीद के लिए खाली बोरे तक नहीं हैं. ऐसे में किसानों को मजबूर निजी प्लेयर्स को औने-पौने दाम पर अपना गेहूं बेचना पड़ रहा है.
गेहूं खरीद को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ को भेजी चिट्ठी में अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई है. कहा गया है कि गेहूं खरीद केन्द्रों की वास्तविक स्थिति खराब है और कई केंद्रों पर खाली बोरे और लेबर आदि संसाधनों की भारी कमी किसान झेल रहे हैं. भाकियू ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गेहूं की फसल की कटाई का कार्य तेजी से चला रहा है. लेकिन, किसानों को गेहूं बेचने में अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
15 अप्रैल तक कई गेहूं खरीद केंद्र नहीं खुले
भाकियू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 30 मार्च 2026 से गेहूं खरीद की घोषणा की है, जबकि आज 15 अप्रैल 2026 तक प्रदेश के अनेकों खरीद केन्द्रों पर स्थिति विकट बनी हुई है. जिसका सामना किसानों को करना पड़ रहा है. ऐसे में समय रहते अगर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो इसका सीधा असर प्रदेश सरकार की गेहूं खरीद पर पड़ेगा. कहा गया है कि बहुत से खरीद केन्द्र प्रदेश में अभी तक भी शुरू नहीं हुए हैं.
खरीद केंद्रों पर खाली बोरे और लेबर नहीं
भाकियू ने कहा कि अगर कहीं खरीद केंद्र शुरू हुए हैं तो वहां पर संसाधनों की कमी किसान झेल रहे हैं. कहीं पर पर्याप्त लेबर नहीं है तो कहीं पर खाली बोरों की उपलब्धता भी नहीं है. इसके चलते खरीद केंद्रों में स्थिति खरीद के विपरीत बनी हुई है. ऐसी परिस्थिति में किसान अन्य स्थानों पर गेहूं बेचने को मजबूर हो रहा है. इसका सीधा फायदा बिचौलियों को मिल रहा है.

राकेश टिकैत ने सीएम को भेजी चिट्ठी.
खरीद केंद्रों का निरीक्षण करे सरकार
भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि प्रदेश का किसान बिचौलियों व विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से नुकसान झेलने पर मजबूर है. मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा गया है कि प्रदेश में गेंहू खरीद केन्द्रों की वास्तविक स्थिति का समय रहते निरीक्षण किया जाए साथ ही संसाधन उपलब्ध कराएं जाएं जिससे प्रदेश के किसानों को राहत मिल सके.
किसानों के विरुद्ध लाई गईं खरीद नीतियां वापस ले सरकार- टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अंबाला रैली में कहा कि जिस तरह की नीतियों का निर्माण प्रदेश सरकारों की ओर से किया जा रहा है वह किसानों के विरुद्ध हैं. उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी गेहूं किसानों को परेशानी हो रही है. वहां की सरकार के द्वारा लाई गई खरीद नीति को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए जिससे किसानों को राहत मिल सके.