सिंहस्थ कुंभ भूमि अधिग्रहण विवाद के बाद फूंक-फूंककर कदम रख रही सरकार, अब आया नया आदेश

Farmers Land Acquisition: राज्य में सड़क चौड़ीकरण और बाइपास, रिंग रोड बनाने को लेकर किसानों की सहमति के बिना जमीन नहीं लेने के निर्देश जारी किए गए हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि कहीं फिर से किसान लामबंद न हो जाएं. मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने रीवा कलेक्ट्रेट में किसानों और अधिकारियों के साथ बैठक की.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 8 Feb, 2026 | 05:43 PM

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ कुंभ के लिए निर्माण कार्यों के लिए किसानों की जमीन लेने के मामले में विवाद ने तूल पकड़ लिया था, किसानों के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा. अब विकास कार्यों के लिए भी सरकार जमीन अधिग्रहण करने में फूंक-फूंककर कदम रख रही है. राज्य के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों को सड़क चौड़ीकरण जैसे कार्यों के लिए किसानों की सहमति के बिना जमीन अधिग्रहीत नहीं करने के निर्देश दिए हैं. हालांकि, सरकार ने कहा है कि तीन गांवों के किसानों ने जमीन देने की स्वीकृति दी है.

क्या है सिंहस्थ कुंभ जमीन अधिग्रहण मामला

मध्य प्रदेश सरकार 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ के लिए उज्जैन में स्थायी कुंभ नगरी बसाने के इरादे से लगभग 2,378 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण बीते महीने कर रही थे. इसके लिए प्रस्तावित लैंड पुलिंग स्कीम का किसानों ने कड़ा विरोध किया. अधिग्रहण को लेकर किसानों के सहमत नहीं पर भूमि विवाद ने तूल पकड़ लिया है और भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में हजारों किसान सड़कों पर उतर गए. तक किसानों ने कहा कि लगभग 1,800 से अधिक किसानों की आधी जमीन स्थायी रूप से ली जा रही है, जिससे उनकी खेती छिनने डर उन्हें सता रहा था. हालांकि, सरकार ने उन्हें दूसरी जगह उतनी जमीन खेती के लिए देने की बात कही थी, लेकिन बाद में अलग-अलग बयान आने से किसानों का भरोसा टूट गया था.

किसानों की सहमति के बिना जमीन नहीं लेने के निर्देश

अब राज्य में सड़क चौड़ीकरण और बाइपास, रिंग रोड बनाने को लेकर किसानों की सहमति के बिना जमीन नहीं लेने के निर्देश जारी किए गए हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि कहीं फिर से किसान लामबंद न हो जाएं. मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने रीवा कलेक्ट्रेट में किसानों और अधिकारियों के साथ बैठक की. यहां उन्होंने कहा कि किसानों की सहमति से जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा.

जमीनों का मूल्य बढ़ेगा, 10 फरवरी को सहमति पत्र देंगे किसान

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने गुरूकुल विद्यालय से खैरा तक सड़क के चौड़ीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि यह सड़क रीवा एयरपोर्ट को सिलपरा-बेला रिंग रोड से जोड़ेगी. सड़क चौड़ीकरण में आने वाली जमीनों के लिए चोरहटा, रघुनाथपुर व खैरा गांव के किसानों ने अपनी सहमति दी है. उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हवाई अड्डे को जोड़ने वाली सड़क के बन जाने से किसानों की शेष जमीनों का भी मूल्य बढ़ेगा. रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि 9 एवं 10 फरवरी को शिविर आयोजित कर किसानों से सहमति पत्र लेकर प्रक्रिया को पूरा करें.

किसानों को जमीनों का मुआवजा जल्द मिलेगा

किसानों ने कहा कि हम सब रीवा के विकास में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल के साथ हैं. उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आपसी सहमति से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया कम से कम समय में पूरी हो जाएगी और किसानों को उनकी अधिग्रहीत जमीन का उचित मुआवजा भी शीघ्र मिल जाएगा. उन्होंने लोक निर्माण विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों को समन्वय बनाकर अतिशीघ्र प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए.

अप्रैल में रिंगरोड का होगा लोकार्पण

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सिलपरा-बेला रिंग रोड निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है. आगामी अप्रैल माह में इसका लोकार्पण हो जाएगा. रिंग रोड के लोकार्पण से पूर्व ही गुरूकुल से खैरा होकर बनने वाली सड़क का चौड़ीकरण कार्य भी पूरा करा लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि रीवा का संभागीय मुख्यालय प्रदेश का पहला संभागीय मुख्यालय होगा जहां आगामी माह में शहर के चारों तरफ बायपास या रिंगरोड का निर्माण हो जाएगा.

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Published: 8 Feb, 2026 | 05:43 PM

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