भारत-विस्तार AI टूल से किसान बनेंगे मालामाल! घर बैठे फसल, मिट्टी और मौसम की जानकारी से होगी लाखों की आमदनी

Bharat Vistaar AI Tool: केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में भारत-विस्तार (Bharat Vistaar) नामक AI आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म की घोषणा की. यह किसानों को उनकी स्थानीय भाषा में फसल, मिट्टी, मौसम और खेती के तरीकों से जुड़ी वैज्ञानिक सलाह देगा. AI प्लेटफॉर्म से किसान जोखिम कम करेंगे, लागत नियंत्रित करेंगे और उत्पादकता बढ़ाएंगे.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 8 Feb, 2026 | 05:27 PM

Bharat Vistaar: सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि खेती को आधुनिक बनाकर किसानों की आय बढ़ाई जाए. इसी दिशा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में भारत-विस्तार (Bharat Vistaar) नामक AI आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म की घोषणा की. यह प्लेटफॉर्म किसानों तक वैज्ञानिक सलाह पहुंचाने, कृषि जोखिम कम करने और उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेगा. सरकार का उद्देश्य है कि किसान बेहतर निर्णय लें और उनकी आमदनी में सुधार हो.

स्थानीय भाषा में मिलेगी विज्ञान-सम्मत सलाह

भारत-विस्तार मल्टी-लिंगुअल AI टूल होगा, जो देश के अलग-अलग हिस्सों के किसानों को उनकी स्थानीय भाषा में सलाह देगा. फसल, मिट्टी, मौसम और खेती के तरीकों से जुड़ी जानकारी किसानों तक सीधे पहुंचेगी. अब किसानों को बिखरी हुई और भ्रमित करने वाली जानकारी नहीं मिलेगी, बल्कि भरोसेमंद और क्षेत्र-विशेष सलाह प्राप्त होगी.

भारत-विस्तार क्या है?

विस्तार (VISTAAR) का पूरा नाम Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources है. IIT मद्रास ने इसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया. इसका मुख्य मकसद खेती से जुड़ी जानकारी और सरकारी डेटा को डिजिटल तरीके से सीधा किसानों तक पहुंचाना है ताकि वे वैज्ञानिक तरीकों के अनुसार अपनी फसल उगा सकें.

AI टूल कैसे करेगा किसानों की मदद

भारत-विस्तार AI खेती, मिट्टी और मौसम से जुड़ी सारी जानकारी को समझकर सीधे किसानों के लिए आसान और काम की सलाह में बदल देगा. यानी वैज्ञानिक जानकारियां सिर्फ कागज तक नहीं रहेंगी, बल्कि सीधे खेत में काम आएंगी. यह प्लेटफॉर्म भरोसेमंद डेटा से जुड़ा होगा, इसलिए सलाह सही और भरोसेमंद होगी.

खेती के फैसले होंगे आसान और सटीक

किसान भारत-विस्तार प्लेटफॉर्म से फसल चयन, बुवाई का सही समय, खाद और सिंचाई प्रबंधन, कीट नियंत्रण और मौसम की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. AI आधारित सलाह अलग-अलग एग्रो-क्लाइमेटिक जोन के अनुसार दी जाएगी, जिससे स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल खेती संभव होगी. सही समय पर सही जानकारी मिलने से खेती का जोखिम घटेगा और लागत नियंत्रण आसान होगा.

कॉल सेंटर और डिजिटल नेटवर्क से जुड़ाव

किसान कॉल सेंटर सेवाओं के जरिए सीधे सवाल पूछ सकेंगे और समाधान प्राप्त करेंगे. रियल-टाइम मौसम पूर्वानुमान API के माध्यम से मौसम जानकारी दी जाएगी. वाधवानी AI का कन्वर्सेशनल चैटबॉट किसानों से संवाद करेगा और बड़े पैमाने पर सवालों का समाधान करेगा.

स्थानीय अनुभव और भाषाई समर्थन

बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 4000 कृषि एक्सटेंशन वर्कर AI आधारित टेलीग्राम चैटबॉट के जरिए किसानों को मदद दे रहे हैं. यह चैटबॉट हिंदी, तेलुगु और अंग्रेजी में जवाब देता है, जल्द ही अन्य भारतीय भाषाएं भी जोड़ी जाएंगी. इमेज रिकग्निशन फीचर से कीट पहचान और प्रैक्टिकल सलाह भी उपलब्ध होगी.

किसानों के लिए क्रांतिकारी कदम

कुल मिलाकर, भारत-विस्तार AI टूल खेती में तकनीक और विज्ञान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो यह किसानों की उत्पादकता बढ़ाने, लागत कम करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी.

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