पंजाब में संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक और किसान मजदूर मोर्चा ने 17 अप्रैल शुक्रवार को रेल रोको आंदोलन का ऐलान किया है. किसान नेता सरवन सिंह पंधेर के रेल चक्का जाम के आह्वान पर दोनों संगठनों से जुड़े 2 दर्जन से ज्यादा किसान यूनियनों ने विरोध प्रदर्शन के लिए सहमति देते हुए हुंकार भरी है. सरवन सिंह पंधेर ने ‘किसान इंडिया’ को बताया कि राज्य सरकार किसानों को परेशान कर रही है. मंडियों में अब तक गेहूं खरीद शुरू नहीं हो सकी है, जबकि बारिश और ओलावृष्टि के चलते खराब हुई फसल नुकसान का सर्वे के लिए केंद्र और राज्य की टीमों ने किया है, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं भेजी गई है. वहीं, गेहूं क्वालिटी मानकों को लेकर भी अन्य राज्यों की तरह पंजाब के किसानों को छूट क्यों नहीं दी जा रही है.
गेहूं खरीद में देरी, मानकों में छूट नहीं देने समेत अन्य मुद्दों पर नाराज हैं किसान
किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि पंजाब में किसान यूनियनों ने 17 अप्रैल को राज्यव्यापी रेल रोको विरोध प्रदर्शन के ऐलान का समर्थन किया है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार से गेहूं की खरीद तुरंत शुरू करने की मांग की गई है. उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल और 18 से 19 अप्रैल के बीच मौसम विभाग ने दो पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव का पूर्वानुमान जारी किया है. इससे किसानों को अपनी गेहूं समेत अन्य रबी फसलों के नुकसान की चिंता सता रही है. लेकिन, राज्य सरकार सो रही है.
1.3 लाख एकड़ फसल बर्बाद, पड़ोसी राज्यों ने छूट दी पर पंजाब ने नहीं
किसान नेता ने कहा कि मार्च से अप्रैल तक बारिश और ओलावृष्टि से राज्य में 1.3 लाख एकड़ में गेहूं फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. इससे प्रभावित और सिकुड़े हुए गेहूं के दाने, टूटे दाने और चमक खो चुके गेहूं खरीद के लिए तय गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं. इससे किसानों को मंडियों में फसल नहीं खरीदी जा रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को गेहूं खरीद के क्वालिटी मानकों में छूट दे. उन्होंने कहा कि पड़ोसी हरियाणा और राजस्थान सरकार ने अपने गेहूं किसानों की पीड़ा समझते हुए खरीद मानकों में ढील दी है. लेकिन, पंजाब सरकार किसानों को मारने पर तुली हुई है.
17 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से रेल चक्का जाम करेंगे किसान-मजदूर
संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक और किसान मजदूर मोर्चा समेत अन्य किसान यूनियनों से जुड़े किसान मजदूर 17 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक विरोध प्रदर्शन करेंगे. इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान संयुक्त रूप से संयुक्त किसान मोर्चा (SKM-गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले आने वाले संगठनों ने किया है, जिसे आजाद किसान मोर्चा का भी समर्थन प्राप्त है.
सोई सरकार को जगाने के लिए आंदोलन हमारी मजबूरी – सरवन सिंह पंधेर
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि मंडियों में बारदाने (बोरी) की कमी और शौचालय और देरी से किसानों को इंतजार करने की जगहों की कमी है. गेहूं रखने और भंडारण की व्यवस्था नहीं है. जबकि, गेहूं की आवक लगातार खरीद केंद्रों पर जारी है. उन्होंने कहा कि रेल रोको आंदोलन हमारी मजबूरी है, क्योंकि किसान अपनी फसल को बर्बाद होते हुए नहीं देख सकते और सरकार को किसानों की पीड़ा दिखाई नहीं दे रही है. उन्होंने मंडियों में पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की और केंद्र व पंजाब सरकार दोनों से आग्रह किया कि वे बिना किसी देरी के पूरी MSP पर गेहूं की खरीद सुनिश्चित करें.