India Reservoir Storage: देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन बड़े बांधों और जलाशयों में पानी का स्तर अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है. केंद्रीय जल आयोग (CWC) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के 166 बड़े बांधों और जलाशयों में उनकी कुल क्षमता का 30 फीसदी से भी कम पानी बचा है. स्थिति यह है कि करीब 80 फीसदी जलाशय आधे से ज्यादा खाली पड़े हैं. हालांकि, इस बार जल भंडारण पिछले 10 साल के औसत से बेहतर बताया जा रहा है, लेकिन पिछले साल के मुकाबले पानी का स्तर कम है.
30 फीसदी से नीचे पहुंचा जल भंडारण
- देश के बड़े जलाशयों में कुल 183.56 BCM पानी रखने की क्षमता है.
- फिलहाल इन जलाशयों में 54.72 BCM पानी मौजूद है, यानी इनकी कुल क्षमता का करीब 29.8 फीसदी हिस्सा भरा हुआ है.
- पिछले साल इसी समय जलाशयों में 58.30 BCM पानी था.
- वहीं, पिछले 10 सालों में औसतन 46.15 BCM पानी रहा है.
- इसका मतलब है कि अभी जलाशयों में पानी का स्तर 10 साल के औसत से बेहतर है.
- हालांकि, पिछले साल के मुकाबले इस बार पानी की मात्रा कम दर्ज की गई है.
दक्षिण और पूर्वी भारत में सबसे ज्यादा चिंता
रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण और पूर्वी भारत के जलाशयों में पानी का स्तर सबसे कम है.
| राज्य/क्षेत्र | जलाशयों में पानी का स्तर |
|---|---|
| दक्षिण भारत (कुल) | 21.67 फीसदी |
| केरल | मॉनसून सक्रिय, लेकिन अधिकांश जलाशय अभी भी काफी खाली |
| कर्नाटक | 16 फीसदी |
| तेलंगाना | 17 फीसदी |
| आंध्र प्रदेश | 33 फीसदी |
| तमिलनाडु | 34 फीसदी |
| ओडिशा | 21 फीसदी |
| झारखंड | 30 फीसदी |
कम बारिश का दिख रहा असर
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, इस बार मॉनसून अपने तय समय से तीन दिन देरी से 4 जून को भारत पहुंचा. मॉनसून की इस देरी की वजह से 28 मई से तीन जून के बीच होने वाली बारिश में करीब 10 फीसदी की कमी भी दर्ज हुई है. इसका सबसे ज्यादा असर पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में देखा गया है, जहां बारिश में 51 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है. बारिश कम होने के कारण जलाशयों में पानी का लेवल तेजी से नहीं बढ़ पाया है. यही वजह है कि कई राज्यों में सिंचाई और पेयजल को लेकर चिंता बनी हुई है.
देश के 166 जलाशयों की भंडारण स्थिति सप्ताहांत 30.04.2026.WEEKLY BULLETIN ON LIVE STORAGE STATUS OF 166 RESERVOIRS IN THE COUNTRY AS ON 30.04.2026. Link : https://t.co/TtXxnzdxvP #cwc #reservoirbulletin #LiveStorage #CWCIndia #CentralWaterCommission pic.twitter.com/38yDxZJ34n
— Central Water Commission (@CWCOfficial_GoI) May 4, 2026
उत्तर और मध्य भारत की स्थिति बेहतर
उत्तर भारत के जलाशयों में पानी का लेवल अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर है. पंजाब के बांधों में 54 प्रतिशत, राजस्थान में 44 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश में 33 प्रतिशत जल भंडारण दर्ज किया गया है. मध्य भारत में छत्तीसगढ़ की स्थिति सबसे मजबूत है, जहां जलाशय 51 प्रतिशत तक भरे हुए हैं. वहीं मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा 38 प्रतिशत है.
क्या आगे सुधर सकती है स्थिति?
आने वाले दिनों में मॉनसून देश के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ेगा, जिससे जलाशयों में पानी का लेवल बढ़ने की उम्मीद है. हालांकि मौसम वैज्ञानिकों की नजर अल-नीनो की स्थिति पर भी बनी हुई है. अगल अल-नीनो का असर बढ़ता है तो कई क्षेत्रों में बारिश प्रभावित हो सकती है. फिलहाल उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ हफ्तों में अच्छी बारिश होने पर जलाशयों की स्थिति में सुधार आएगा और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा.