Mango Ripening: गर्मियों की दोपहर हो और घर में आम की खुशबू न फैले, ऐसा शायद ही कभी होता हो. पेड़ पर लटकता हरा, सख्त और खट्टा आम कुछ ही दिनों में सुनहरे रंग का, मीठा और रसीला फल बन जाता है. यह बदलाव इतना सामान्य लगता है कि अक्सर लोग इसके पीछे छिपे विज्ञान पर ध्यान ही नहीं देते. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर आम का रंग हरे से पीला क्यों हो जाता है? उसका स्वाद कैसे बदल जाता है और वह धीरे-धीरे नरम कैसे पड़ने लगता है?
एथिलीन हार्मोन की भूमिका और पकने की शुरुआत
बिहार स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक व प्रोफेसर (डॉ.) एस.के. सिंह ने बताया कि आम के पकने की शुरुआत एथिलीन नामक प्राकृतिक हार्मोन से होती है. जैसे ही फल पूरी तरह विकसित होता है, उसके अंदर एथिलीन का उत्पादन बढ़ने लगता है. यह हार्मोन फल की कोशिकाओं को संकेत देता है कि अब पकने की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए. इसके प्रभाव से आम में कई रासायनिक बदलाव तेज हो जाते हैं और फल का रूप बदलने लगता है.

आम के रंग और स्वाद बदलने का वैज्ञानिक रहस्य जानें.
स्टार्च से शर्करा और स्वाद में बदलाव
प्रोफेसर एस.के. सिंह के अनुसार, पकने के दौरान आम के अंदर मौजूद स्टार्च धीरे-धीरे शर्करा में बदलने लगता है. यह शर्करा मुख्य रूप से ग्लूकोज, फ्रक्टोज और सुक्रोज के रूप में होती है. इसी प्रक्रिया के कारण आम का स्वाद मीठा हो जाता है. साथ ही, फल में मौजूद अम्ल जैसे साइट्रिक और मैलिक एसिड कम होने लगते हैं, जिससे खट्टापन घट जाता है और स्वाद संतुलित हो जाता है.
रंग, बनावट और पेक्टिन का परिवर्तन
वैज्ञानिक बताते हैं कि आम का हरा रंग क्लोरोफिल के कारण होता है, जो पकने के दौरान टूटने लगता है. जैसे-जैसे क्लोरोफिल कम होता है, फल का हरा रंग गायब हो जाता है और उसकी जगह पीला या नारंगी रंग दिखाई देने लगता है. यह बदलाव कैरोटीनॉयड पिगमेंट के कारण होता है, जो पकने के बाद सक्रिय हो जाते हैं. इसके साथ ही आम में मौजूद पेक्टिन भी टूटने लगता है, जिससे फल की कठोरता कम हो जाती है और नरम एवं रसदार बन जाता है. यही कारण है कि पका हुआ आम खाने में मुलायम महसूस होता है.
वैज्ञानिक दृष्टिकोण और निष्कर्ष
प्रोफेसर एस.के. सिंह ने बताया कि आम के पकने की पूरी प्रक्रिया एक प्राकृतिक जैव रासायनिक क्रिया है, जिसमें एथिलीन हार्मोन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. स्टार्च का शर्करा में बदलना, अम्लों का कम होना, क्लोरोफिल का टूटना और कैरोटीनॉयड का बढ़ना-ये सभी परिवर्तन मिलकर फल के स्वाद, रंग और बनावट को पूरी तरह बदल देते हैं. इस प्रकार आम का पकना केवल एक सामान्य प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि एक जटिल वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जो इसे फलों का राजा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.