Sugar Scam: देश में चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस ने केंद्र की एनडीए सरकार पर चीनी की महंगाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि चीनी की कीमत बढ़ने से आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और इसका फायदा जमाखोरों व कालाबाजारियों को मिल रहा है. कांग्रेस ने इसे करीब 36 हजार करोड़ रुपये का मामला बताते हुए सरकार पर समय रहते कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया है.
अप्रैल में ही कमी की जानकारी होने का दावा
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि सरकार को अप्रैल में ही चीनी की संभावित कमी के बारे में जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए. कांग्रेस नेता के मुताबिक, इसी वजह से चीनी की कीमत करीब 40 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 75 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई. उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में चीनी की मांग बढ़ने वाली है. ऐसे में अगर कीमतों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इसका सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ सकता है.
12 मिलियन टन खपत का अनुमान
कांग्रेस के मुताबिक, अगस्त से नवंबर के बीच देश में करीब 12 मिलियन टन चीनी की खपत होने का अनुमान है. सुरजेवाला ने दावा किया कि अगर इस दौरान चीनी के दाम औसतन 30 रुपये प्रति किलो ज्यादा रहे तो उपभोक्ताओं को कुल मिलाकर करीब 36 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं. कांग्रेस का आरोप है कि इस अतिरिक्त रकम का फायदा आम लोगों के बजाय जमाखोरों और कालाबाजारियों को मिल सकता है.
अप्रैल 2026 में मोदी सरकार को पता था कि चीनी की कमी है, लेकिन वो चुप बैठी रही। यानी- जिसके पास भी चीनी का स्टॉक है, उसका स्टॉक बगैर कुछ किए 40 रुपए से 75 रुपए का हो जाएगा।
देश में अगस्त से नवंबर के बीच करीब 120 लाख टन चीनी की खपत होनी है।
ऐसे में अगर जनता 30 रुपए/किलो के हिसाब… pic.twitter.com/aGCNeKDPrV
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) August 27, 2026
उत्पादन और स्टॉक को लेकर भी सवाल
कांग्रेस नेता ने चीनी की बढ़ती कीमतों के पीछे कम उत्पादन और स्टॉक में कथित हेराफेरी को भी वजह बताया. उनका आरोप है कि बाजार में उपलब्ध चीनी का स्टॉक कम होने से कीमतों पर दबाव बढ़ा है. सुरजेवाला ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि त्योहारी मौसम में जब घरों में मिठाइयों और दूसरी चीजों के लिए चीनी की मांग बढ़ती है, तब महंगी चीनी का सीधा असर परिवारों के खर्च पर पड़ता है.
E20 को लेकर भी सरकार पर हमला
कांग्रेस ने पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की नीति E20 को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए. सुरजेवाला ने दावा किया कि नवंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच गन्ने के स्टॉक का करीब 32 फीसदी हिस्सा E20 ईंधन के उत्पादन में इस्तेमाल हुआ. उनका आरोप है कि इससे चीनी बनाने के लिए उपलब्ध स्टॉक पर असर पड़ा और बाजार में कीमतें बढ़ीं. हालांकि, इस दावे को कांग्रेस के आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.
गन्ने के दाम पर भी उठाए सवाल
सुरजेवाला ने गन्ना किसानों को मिलने वाली कीमत को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि किसानों को पर्याप्त दाम नहीं मिलने की वजह से गन्ने का उत्पादन प्रभावित हो रहा है. कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार कृषि विकास और किसानों की आय बढ़ाने की बात करती है, लेकिन उनके मुताबिक जमीन पर किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
सब्सिडी वाली चीनी योजना बहाल करने की मांग
कांग्रेस ने सरकार से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सब्सिडी वाली चीनी देने की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है. सुरजेवाला ने कहा कि परिवार के प्रत्येक सदस्य को हर महीने 500 ग्राम चीनी रियायती दर पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए. कांग्रेस का कहना है कि इससे महंगाई के दौर में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिल सकती है. पार्टी ने चेतावनी दी कि अगर चीनी की कीमतों पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो आने वाले दशहरा और दिवाली के त्योहारों के दौरान लोगों को महंगाई का और ज्यादा असर महसूस हो सकता है.