Tip Of The Day: सही देखभाल के बावजूद गिर रहा है दूध? ये छोटी-छोटी लापरवाहियां पूरे मुनाफे को कर रही है खत्म

Dairy Farming Tips: कई पशुपालक यह समझ नहीं पाते कि सही देखभाल के बावजूद दूध उत्पादन क्यों घटने लगता है. असल में इसके पीछे छोटी-छोटी लेकिन अहम गलतियां होती हैं जैसे अनियमित दुहाई, सही पोषण की कमी या साफ-सफाई में लापरवाही. डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग बिहार के अनुसार, अगर समय रहते इन कारणों को पहचान लिया जाए, तो दूध उत्पादन को फिर से बढ़ाया जा सकता है और नुकसान से बचा जा सकता है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 5 May, 2026 | 09:34 PM
1 / 6अगर पशु का दूध सही समय पर और नियमित रूप से नहीं निकाला जाता, तो उसके शरीर का दूध बनाने का सिस्टम प्रभावित होता है. इससे धीरे-धीरे दूध की मात्रा कम होने लगती है और पशु की उत्पादकता गिर जाती है.

अगर पशु का दूध सही समय पर और नियमित रूप से नहीं निकाला जाता, तो उसके शरीर का दूध बनाने का सिस्टम प्रभावित होता है. इससे धीरे-धीरे दूध की मात्रा कम होने लगती है और पशु की उत्पादकता गिर जाती है.

2 / 6विभाग के अनुसार, दुहाई से पहले और बाद में थन की ठीक से सफाई न करने पर बैक्टीरिया का संक्रमण हो सकता है. इससे न केवल दूध की गुणवत्ता खराब होती है, बल्कि उत्पादन भी कम हो जाता है.

विभाग के अनुसार, दुहाई से पहले और बाद में थन की ठीक से सफाई न करने पर बैक्टीरिया का संक्रमण हो सकता है. इससे न केवल दूध की गुणवत्ता खराब होती है, बल्कि उत्पादन भी कम हो जाता है.

3 / 6जैसे-जैसे पशु बूढ़ा होता है, उसके शरीर की क्षमता कम होने लगती है. इसका सीधा असर दूध उत्पादन पर पड़ता है और वह पहले की तुलना में कम दूध देने लगता है.

जैसे-जैसे पशु बूढ़ा होता है, उसके शरीर की क्षमता कम होने लगती है. इसका सीधा असर दूध उत्पादन पर पड़ता है और वह पहले की तुलना में कम दूध देने लगता है.

4 / 6पशु के प्रजनन का सही समय और तरीका बहुत जरूरी होता है. गलत समय पर या बार-बार प्रजनन कराने से पशु कमजोर हो जाता है और दूध उत्पादन घट जाता है.

पशु के प्रजनन का सही समय और तरीका बहुत जरूरी होता है. गलत समय पर या बार-बार प्रजनन कराने से पशु कमजोर हो जाता है और दूध उत्पादन घट जाता है.

5 / 6अगर पशु को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, सूखा चारा और पोषक तत्व नहीं मिलते, तो उसका शरीर कमजोर पड़ता है. इसका असर सीधे दूध की मात्रा और गुणवत्ता दोनों पर पड़ता है.

अगर पशु को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, सूखा चारा और पोषक तत्व नहीं मिलते, तो उसका शरीर कमजोर पड़ता है. इसका असर सीधे दूध की मात्रा और गुणवत्ता दोनों पर पड़ता है.

6 / 6कैल्शियम, फॉस्फोरस, विटामिन और अन्य जरूरी मिनरल्स की कमी से पशु का स्वास्थ्य बिगड़ता है. इससे दूध बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है और उत्पादन कम हो जाता है.

कैल्शियम, फॉस्फोरस, विटामिन और अन्य जरूरी मिनरल्स की कमी से पशु का स्वास्थ्य बिगड़ता है. इससे दूध बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है और उत्पादन कम हो जाता है.

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Published: 5 May, 2026 | 09:34 PM
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