PM Kisan 23rd Installment: देशभर के किसानों को केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जिनमें सबसे प्रमुख है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN). इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है. लेकिन अक्सर किसानों के बीच यह भ्रम रहता है कि अगर एक ही खतौनी (भूमि रिकॉर्ड) में कई भाइयों के नाम दर्ज हैं, तो क्या सभी को अलग-अलग लाभ मिलेगा या नहीं?
संयुक्त खतौनी पर सबसे बड़ा सवाल
जब एक ही खतौनी में 4-5 भाइयों के नाम दर्ज होते हैं, तो यह स्थिति ‘संयुक्त परिवार भूमि रिकॉर्ड’ कहलाती है. ऐसे मामलों में यह जरूरी नहीं है कि सभी को अलग-अलग 2000 रुपये की किस्त मिल जाए. लाभ तभी अलग-अलग मिल सकता है जब कुछ शर्तें पूरी हों.
क्या सभी भाइयों को अलग-अलग लाभ मिलेगा?
सरकारी नियमों के अनुसार, केवल नाम होना पर्याप्त नहीं है. यह देखा जाता है कि:
- उत्तर प्रदेश में फसल बचाने के लिए छुट्टा पशुओं पर सख्ती की तैयारी, कृषि मंत्री शाही ने दिए बड़े संकेत
- बंगाल सरकार का बड़ा फैसला, कृषि और पशु उत्पादों के निर्यात से हटेगा प्रतिबंध.. किसानों को होगा फायदा
- फसल नुकसान पर अब सरकार दे रही सीधे पैसा, इस तारीख से पहले कर लें आवेदन तो हाथ से निकल जाएगा मौका!
- क्या सभी भाइयों का हिस्सा स्पष्ट रूप से अलग-अलग दर्ज है
- क्या वे राजस्व रिकॉर्ड में अलग-अलग किसान (farmer) के रूप में मान्य हैं
- क्या सभी ने अलग-अलग PM-KISAN रजिस्ट्रेशन कराया है
अगर ये सभी शर्तें पूरी होती हैं, तो हर पात्र सदस्य को योजना का लाभ मिल सकता है.
जमीन की हिस्सेदारी का महत्व
अगर खतौनी में सभी भाइयों के हिस्से साफ-साफ दर्ज हैं और वे अपनी-अपनी जमीन पर खुद खेती कर रहे हैं, तो यह उनके लाभ के लिए एक मजबूत आधार होता है. लेकिन सिर्फ नाम दर्ज होना काफी नहीं है. अगर जमीन बहुत कम है और बांटने पर हर भाई का हिस्सा बहुत छोटा रह जाता है, तो ऐसे मामलों में सरकार पूरे परिवार को एक ही यूनिट मान सकती है.
रजिस्ट्रेशन क्यों जरूरी है?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने के लिए हर किसान का अलग रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है. अगर पांचों भाइयों ने अलग-अलग आवेदन नहीं किया है, तो उन्हें अलग-अलग किस्त नहीं मिलेगी, भले ही वे पात्र हों. इसलिए समय पर ई-केवाईसी और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है, नहीं तो योजना का पैसा रुक सकता है और लाभ नहीं मिल पाएगा.
‘एक परिवार, एक लाभ’ का नियम
इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण नियम है, ‘एक परिवार, एक लाभ’. सरकार के अनुसार:
- एक परिवार में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे शामिल होते हैं
- अगर भाई एक ही परिवार के रूप में दर्ज हैं और अलग-अलग नहीं माने गए हैं, तो उन्हें एक ही लाभ मिलेगा
- नाबालिग सदस्य अलग लाभ के पात्र नहीं होते
इसका मतलब यह है कि अगर पांच भाई एक ही परिवार यूनिट में आते हैं, तो उन्हें अलग-अलग 2000 रुपये की किस्त नहीं मिलेगी.