Agri AI Hackathon: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने खेती को आसान और आधुनिक बनाने के लिए एआई हैकाथॉन शुरू की है. जुगाड़ से बनाई गई कृषि मशीनों को अब पहचान और इनाम भी मिलेगा, जिसमें किसानों को लाखो रुपये तक का पुरस्कार दिया जाएगा. इस पहल के जरिए युवा, स्टार्टअप और इनोवेटर्स तकनीक से खेती की समस्याओं का हल निकाल सकेंगे. किसान आवेदन कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं और अपनी इनोवेशन को आगे बढ़ा सकते हैं.
खेती को डिजिटल और स्मार्ट बनाने की कोशिश
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, इस एआई हैकाथॉन का मकसद कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को लागू करना है, ताकि किसानों को सही समय पर सही जानकारी मिल सके. सरकार पहले से ही कई डिजिटल प्लेटफॉर्म चला रही है, जिनमें किसानों की जानकारी, फसल का डेटा, मौसम और मिट्टी से जुड़ी जानकारी शामिल है. अब इन सभी डेटा का इस्तेमाल करके ऐसे समाधान तैयार किए जाएंगे, जो सीधे किसानों के काम आएं और उनकी खेती को आसान बनाएं.

नई तकनीक से किसानों को मिलेगा आसान समाधान और बेहतर भविष्य.
इन समस्याओं का निकलेगा टेक्नोलॉजी से हल
इस हैकाथॉन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को खेती से जुड़ी अहम समस्याओं पर काम करना होगा. जैसे मिट्टी और मौसम के हिसाब से सही फसल की सलाह देना, किसानों को सरकारी योजनाओं का सही लाभ दिलाना, बीजों की जानकारी देना और कीटों से फसल को बचाना. इन सभी समस्याओं का हल एआई तकनीक के जरिए निकाला जाएगा, जिससे किसानों को समय पर और सटीक जानकारी मिल सकेगी. इससे उनकी मेहनत कम होगी और उत्पादन बढ़ेगा.
जीतने वालों को मिलेगा इनाम और पहचान
इस प्रतियोगिता में जीतने वाली टीमों को 3 लाख रुपये तक का नकद इनाम दिया जाएगा. इसके अलावा उन्हें कृषि मंत्रालय के साथ मिलकर अपने आइडिया को बड़े स्तर पर लागू करने का मौका भी मिलेगा. इससे उनका समाधान लाखों किसानों तक पहुंच सकता है. इसके साथ ही प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और प्रमाण पत्र भी मिलेगा, जो उनके भविष्य के लिए भी फायदेमंद होगा.
ऐसे करें आवेदन, जल्दी करें रजिस्ट्रेशन
मंत्रालय ने बताया कि इच्छुक लोग QR कोड स्कैन करके सीधे वेबसाइट पर पहुंच सकते हैं और वहां रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इसके बाद उन्हें अपनी जानकारी और जरूरी दस्तावेज भरकर फॉर्म सबमिट करना होगा. आवेदन की आखिरी तारीख 20 अप्रैल 2026 रखी गई है. सरकार का कहना है कि अगर आपके पास कोई नया और अच्छा आइडिया है, तो यह उसे देशभर में लागू करने का बेहतरीन मौका है.