ICAR ने शुरू की नई पहल, अब सीमांत किसान भी कर सकेंगे बड़ी-बड़ी मशीनों से खेती.. आय में होगा इजाफा

ICAR-भारतीय मिलेट्स रिसर्च संस्थान ने टेकमल मंडल में कस्टम हायरिंग सेंटर और किसान सलाह कियोस्क शुरू किया है. इससे छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि मशीनरी, मिलेट प्रोसेसिंग उपकरण और डिजिटल सलाह मिलेगी. इस पहल से समय पर खेती, लागत कम, फसल विविधीकरण और आय बढ़ाने में मदद होगी.

Kisan India
नोएडा | Published: 28 Feb, 2026 | 09:11 PM

Agriculture News: अब देश के छोटे और सीमांत किसान भी कृषि यंत्र आसानी से खरीद सकते हैं. इसके लिए उन्हें ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है. साथ ही वे मौसम की मार, बीमारी और कीटों के प्रकोप से फसल को बचाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों से सलाह भी ले सकते हैं. क्योंकि ICAR- भारतीय मिलेट्स रिसर्च संस्थान, हैदराबाद ने एक कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) और किसानों के लिए एडवाइजरी सर्विसेज कियोस्क की शुरूआत की है. ICAR को उम्मीद है कि उसकी इस पहल से किसानों को काफी फायदा होगा. उनकी कमाई में बढ़ोतरी होगी और फसल की बर्बाद भी पहले के मुकाबले कम होगी.

दरअसल, किसानों को सशक्त बनाने के उदेश्य से ICAR- भारतीय मिलेट्स रिसर्च संस्थान ने टेकमल मंडल किसान उत्पादक सहकारी समाज में एक कस्टम हायरिंग सेंटर और किसानों के लिए एडवाइजरी सर्विसेज कियोस्क की शुरुआत की है. खास बात यह है कि इस पहल को ICICI फाउंडेशन के सहयोग से शुरू किया गया है. इस पहल का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि मशीनरी  और वैज्ञानिक सलाह आसानी से उपलब्ध कराना है, ताकि वे बेहतर तरीके से खेती कर सकें और अपनी आय बढ़ा सकें.

लगभग 500-700 किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा

शुरुआती चरण में इस पहल से लगभग 500-700 सदस्य किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा. बाद में आसपास के गांवों तक में इसका विस्तार किया जाएगा. खास बात यह है कि CHC के जरिए किसानों को महंगी कृषि मशीनें मिलकर इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी. इससे वे समय पर खेती कर सकेंगे. इससे मजदूरों पर निर्भरता कम होगी, लागत घटेगी और खेती का काम ज्यादा प्रभावी और आसान हो जाएगा. इसके अलावा, यह फसल विविधीकरण और विशेष रूप से मिलेट्स और अन्य जलवायु-सहनशील फसलों की खेती को बढ़ावा देगा, जिससे किसानों की आय और फसल स्थिरता में सुधार होगा.

इन सुविधाओं का औपचारिक उद्घाटन ICAR-IIMR के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. श्रीनिवास बाबू और वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर (FPO प्रोजेक्ट्स) डॉ. संगप्पा ने किया. उद्घाटन समारोह में ICICI फाउंडेशन, FPO NEST, FPO बोर्ड सदस्य, महिला स्वयं सहायता समूह और स्थानीय हितधारक मौजूद थे.

किसानों को कीट और रोग प्रबंधन की मिलेगी जानकारी

CHC के साथ एक क्रॉपसिंक आधारित किसान सलाह केंद्र भी शुरू किया गया है. यह कियोस्क किसानों को तुरंत डिजिटल माध्यम से खेती से जुड़ी जरूरी सलाह और जानकारी उपलब्ध कराएगा. इसमें वैज्ञानिक खेती के तरीके, फसल योजना, कीट और रोग प्रबंधन, मौसम संबंधी सलाह और बाजार जानकारी जैसी सेवाएं शामिल हैं. यह मॉडल मशीनरी और डिजिटल सलाह को जोड़कर FPO की सेवा क्षमता बढ़ाएगा, किसानों के फैसलों को बेहतर बनाएगा और उनकी आजीविका में सुधार करेगा.

सेंटर में कई तरह की कृषि मशीनें और मिलेट प्रोसेसिंग उपकरण उपलब्ध हैं

कार्यक्रम में संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि जब आधुनिक मशीनें  और सही सलाह साथ मिलती हैं, तो किसानों के लिए समग्र विकास का बेहतर माहौल बनता है और उन्हें खेती में ज्यादा लाभ मिलता है. उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें लगातार सीखने का मंच बनती हैं, जहां किसानों को तकनीकी सलाह, प्रशिक्षण और कृषि व्यवसाय शुरू करने व बढ़ाने में मदद मिलती है. एक्सपर्ट ने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर में कई तरह की कृषि मशीनें और मिलेट प्रोसेसिंग उपकरण उपलब्ध हैं. ये मशीनें फसल की कटाई से लेकर उसकी प्रोसेसिंग और मूल्य बढ़ाने तक के काम में किसानों की मदद करती हैं. इसमें प्रमुख उपकरण हैं-कंबाइन हार्वेस्टर, ट्रैक्टर, मिलेट बेलर, रागी थ्रेशर-कम-पर्लर और मिलेट क्लीनर-कम-पर्लर (डीहस्कर).

अब किसान मशीनों की मदद से आसानी से कर पाएंगे मिलेट की सफाई

विशेषज्ञों ने कहा कि मूल्य बढ़ाने और एग्रीबिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए जानकारी में मिलेट रवा मेकर-कम-ग्रेडर, पल्वेराइजर, रिबन फ्लोर ब्लेंडर, रोस्टर और वाइब्रो सेपरेटर जैसी मशीनें लगाई गई हैं. इन मशीनों की मदद से मिलेट की सफाई, ग्रेडिंग, भूनाई और आटा मिश्रण जैसे काम आसानी से किए जा सकते हैं. इससे एफपीओ के जरिए प्रोसेसिंग, नए उत्पाद तैयार करने और बाजार में बेहतर बिक्री करने में किसानों को मदद मिलेगी.

 

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Published: 28 Feb, 2026 | 09:11 PM

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